पिथौरागढ़ में सड़क सुधार कार्यों की समीक्षा, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत

 


पिथौरागढ़, 03 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा की अध्यक्षता में शनिवार को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में वर्षाकाल के बाद सड़कों की स्थिति, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार, सड़क सुधारीकरण, चौड़ीकरण और बाईपास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

अजय टम्टा ने बताया कि चंपावत-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के उपचार के लिए केंद्र सरकार ने धनराशि स्वीकृत की है। कोट अमोडी क्षेत्र में 100.572 से 100.792 किमी चेनज के बीच भूस्खलन उपचार के लिए 25.65 करोड़ और दिल्ली बैंड क्षेत्र में 170.075 से 170.325 किमी चेनज के उपचार के लिए 33.15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। घाट बैंड/मुन्ना बैंड क्षेत्र के स्थायी समाधान के लिए 33.47 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़-लिपुलेख मार्ग पर चार भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 285 करोड़ और टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग पर 30 भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 273 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन कार्यों से सीमांत क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और टनकपुर से आदि कैलाश तक की यात्रा अधिक सुगम होने की उम्मीद है। एनएच-9 पर पिथौरागढ़-तवाघाट के बीच छह भूस्खलन स्थलों के उपचार के लिए 422 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, जोलजीबी से बंगापानी तक करीब 29.31 किलोमीटर मार्ग के दो-लेन निर्माण के लिए 587 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा गया है।

बैठक में बताया गया कि स्वाला डेंजर जोन में एनएच-9 पर 21.34 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षा कार्य कर समस्या का समाधान किया गया है। बेड़ाखेत से पिथौरागढ़ तक करीब 90 किलोमीटर मार्ग में डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 89.41 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। चंपावत बाईपास के लिए 100 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत है और कार्य चल रहा है। लोहाघाट बाईपास (5.59 किमी) और पिथौरागढ़ बाईपास (12 किमी) के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। घाट से उड़ियारी बैंड तक करीब 80 किलोमीटर मार्ग के दो-लेन चौड़ीकरण के लिए भी डीपीआर गठन की कार्रवाई चल रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमांत जनपद की सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं में समयबद्धता, गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रसाद, जिलाधिकारी आशीष भटगांई, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीपक सैनी सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय