ऋषिकुल में पौधरोपण अभियान, पर्यावरण संरक्षण के साथ आयुर्वेद परंपरा सहेजने का संकल्प

 


हरिद्वार, 02 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल परिसर में ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन के सौजन्य से बृहत पौधरोपण अभियान चलाया गया। मुख्य अतिथि पर्यावरणविद् एवं आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष पंत रहे। अध्यक्षता एसोसिएशन अध्यक्ष प्रो. बी.के. अग्निहोत्री और परिसर निदेशक प्रो. ओ.पी. सिंह ने की।

अभियान में शिक्षकों, चिकित्सकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और पीजी स्कॉलर्स ने औषधीय एवं पर्यावरणोपयोगी पौधों का रोपण किया।

मुख्य अतिथि डॉ. आशुतोष पंत ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण का आधार नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन और आयुर्वेद की धरोहर हैं। पौधा लगाना ही नहीं, उसकी देखभाल और संरक्षण ही सच्ची पर्यावरण सेवा है।

प्रो. बी.के. अग्निहोत्री ने कहा कि ऋषिकुल भारतीय ज्ञान परंपरा और प्रकृति के सामंजस्य का केंद्र है। प्रत्येक विद्यार्थी एक पौधे की जिम्मेदारी ले तो यह जन आंदोलन बन सकता है।

परिसर निदेशक प्रो. ओ.पी. सिंह ने कहा कि परिसर को हरित एवं औषधीय परिसर बनाने के लिए वृक्षारोपण के साथ संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा।

प्रचार मंत्री डॉ. अवनीश उपाध्याय ने कहा कि एक पौधा लगाना शुरुआत है, उसे वृक्ष बनाना हमारी जिम्मेदारी है।

पेड़ लगाना आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा सामाजिक निवेश है। प्रो. सुरेश चौबे ने कहा कि औषधीय पौधों का संरक्षण आयुर्वेद की विरासत का संरक्षण है। डॉ. वेद भूषण शर्मा ने इसे विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान के लिए जरूरी बताया।

कार्यक्रम में प्रो. विनीत अग्निहोत्री, डॉ. भावना मित्तल, डॉ. पारुल शर्मा सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला