रेखा आर्य की संपत्ति और खेल विभाग में कमीशन के आरोपों की जांच हो : कांग्रेस

 


देहरादून, 16 अक्टूबर (हि.स.)। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद के बाद अब उनकी संपत्ति और खेल विभाग में कथित कमीशन के आरोपों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि दोनों के व्यक्तिगत विवाद से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है,लेकिन गिरधारी लाल साहू की ओर से रेखा आर्य की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति का दावा किए जाने के बाद इस मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मामला सार्वजनिक धन और जवाबदेही से जुड़ा है।

गरीमा दसौनी ने यहां शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि गिरधारी लाल साहू ने अपने बयान में खेल विभाग में 10 प्रतिशत कमीशन दिए जाने की बात भी कही है। उन्होंने राष्ट्रीय खेलों से जुड़े वेंडरों के बकाया भुगतान का मुद्दा उठाते हुए इन आरोपों की भी जांच कराने की मांग की। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि यदि सार्वजनिक धन के उपयोग या भुगतान में अनियमितता से संबंधित आरोप लगाए गए हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

इस बीच,गिरधारी लाल साहू ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रेखा आर्य पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि रेखा आर्य के पास 210 करोड़ रुपये की संपत्ति है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इसकी जांच कराने की अपील की। साहू ने कहा कि वह कथित संपत्ति से संबंधित विवरण सामने रखेंगे। उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

गिरधारी साहू ने वीडियो में रेखा आर्य की ओर से लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए उनके खिलाफ दर्ज शिकायत वापस लेने की मांग भी की। उन्होंने संबंधित ऑडियो को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से तैयार किया गया बताया। दूसरी ओर, रेखा आर्य ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गरिमा दसौनी ने कहा कि कांग्रेस का सवाल व्यक्तिगत विवाद नहीं,बल्कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की जवाबदेही और सरकारी धन के इस्तेमाल से जुड़ा है। उन्होंने मांग की कि कथित संपत्ति, खेल विभाग में कमीशन और राष्ट्रीय खेलों के वेंडरों के बकाया भुगतान से जुड़े आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय