पुरोला प्रधान संगठन ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

 

उत्तरकाशी, 18 अगस्त (हि.स.)। पुरोला प्रधान संगठन ने वीबीजी-रामजी योजना में कार्यरत श्रमिकों की ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज करने व न्यूनतम वेतन 20 हजार रूपये दिए जाने सहित दस सूत्रीय मांगो को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया और उनके निस्तारण की मांग की।

मंगलवार को ग्राम प्रधानों ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। इस मौके पर प्रधानें ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के साथ ही ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं के समाधान में प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में उनको कम से कम 20 हजार रूपए मानदेय दिया जाए। उन्होंने वीबीजी-रामजी योजना में कार्यरत श्रमिकों की ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज करने व अकुशल श्रमिकों की 600 रुपये तथा कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन किए जाने की मांग की।

प्रधानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों को मिलने वाली मजदूरी वर्तमान परिस्थितियों में पर्याप्त नहीं है, इसलिए मजदूरी दर में बढ़ोतरी नितांत आवश्यक है।कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी पंचायत प्रतिनिधियों को बेहतर ढंग से होती है। इसलिए जिला योजना तैयार करने और विकास कार्यों के निर्धारण में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा पंचायतों के वित्तीय बजट को शीघ्र ग्राम पंचायतों को वितरित करने की मांग की। संगठन ने मुख्यमंत्री से सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो ब्लॉक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन सुरु किया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों में प्रधान संगठन अध्यक्ष त्रिलोक बिजल्वाण सहित राजेश बिजल्वाण, जसवीर सिंह,महेंद्र कुमार, किरण पंचवाण, पिंकी, मंजू चौहान ,रीना देवी, आशीष वैदी, संतोषी गैरोला, बलवंत पंवार, कुलवंती आदि सहित अनेक ग्राम प्रधान मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल