जल संस्थान के फैसले से भड़का जनाक्रोश, त्रिमूर्ति नगर-आनंद विहार में गहराया पेयजल संकट

 


हरिद्वार, 14 जून (हि.स.)। उपनगरी ज्वालपुर स्थित वार्ड-44 के अंतर्गत आने वाले त्रिमूर्ति नगर एवं आनंद विहार क्षेत्र में जल संस्थान के एक कथित तुगलकी फैसले के कारण हजारों लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि ईद-उल-अजहा की रात करीब 12 बजे त्रिमूर्ति नगर से आनंद विहार की ओर जाने वाली पेयजल लाइन में बिना किसी लिखित आदेश और पूर्व सूचना के इंटर कनेक्शन कर सुभाष नगर की जलापूर्ति लाइन को जोड़ दिया गया, जिसके बाद से इलाके में पानी की आपूर्ति प्रभावित हो गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, जब यह कार्य किया जा रहा था तब नागरिकों ने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध भी किया, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया गया। अब इस निर्णय का असर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। त्रिमूर्ति नगर और आनंद विहार जैसी घनी आबादी वाली कॉलोनियों में पानी का दबाव काफी कम हो गया है, जिससे लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले नियमित रूप से जलापूर्ति होती थी, लेकिन इंटरकनेक्शन के बाद कई घरों तक पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच रहा है। गर्मी के मौसम में पेयजल संकट ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।स्थानीय पार्षद अहसान अंसारी ने मामले को गंभीर बताते हुए कई बार जल संस्थान के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि सुभाष नगर से किया गया इंटरकनेक्शन तत्काल समाप्त कर त्रिमूर्ति नगर और आनंद विहार की जलापूर्ति को पूर्व व्यवस्था के अनुसार बहाल किया जाए।

पार्षद का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है। वहीं, क्षेत्रवासियों में जल संस्थान के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल संकट दूर नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल सभी की निगाहें जल संस्थान के अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला