जन समाधान दिवस में 110 से अधिक शिकायतें मिलीं, अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
देहरादून, 02 नवंबर (हि.स.)। देहरादून में आयोजित जन समाधान दिवस में सोमवार को भूमि विवाद, अतिक्रमण, ग्राम पंचायत की संपत्तियों और बिजली संबंधी समस्याओं से जुड़ी 110 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को शिकायतों की जांच कर समयबद्ध और नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार और संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित जन समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं।
इस दौरान रामपुरकलां के ग्रामीणों ने पीठ बाजार की नीलामी अवधि समाप्त होने के बाद प्रत्येक शुक्रवार को कथित अवैध वसूली किए जाने की शिकायत की। उन्होंने नई नीलामी होने तक वसूली पर रोक लगाने की मांग की। इस पर खंड विकास अधिकारी सहसपुर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
संजय कॉलोनी निवासी मदनमोहन नेगी ने अपने घर पर लगे तीन किलोवाट के सोलर पैनल से ग्रिड में भेजी गई बिजली की यूनिटों का बिल में समायोजन नहीं होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कुल 7,165 यूनिट में से अधिकांश का समायोजन लंबित है। वहीं, शेरपुर निवासी खीमा देवी ने अपनी निजी भूमि पर विद्युत विभाग की ओर से बिना सहमति तीन बिजली के पोल लगाए जाने का मामला उठाया। दोनों मामलों में विद्युत विभाग को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
परवल और होपटाउन क्षेत्र के अमित कुमार सेठी ने अपने नाम दर्ज आवासीय भूखंड पर दूसरे पक्ष द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की। रामपुरकलां के संतोष पंडित ने भूमि खरीदने के बावजूद कब्जा नहीं मिलने और विक्रेता द्वारा कथित रूप से फर्जी भूमि विक्रय किए जाने का आरोप लगाया। इन मामलों में संबंधित अभिलेखों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
रामपुरकलां के ग्रामीण शम्भू चोपड़ा ने गांव में प्राचीन खेड़ा और मंदिर की भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला उठाया। इस पर उप जिलाधिकारी विकासनगर को भूमि अभिलेखों की जांच और पैमाइश कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा मालदेवता स्थित पीपीसीएल में नौ सितंबर 2026 को हुई घटना में संदेश थापा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में उनके पिता हरक बहादुर ने निष्पक्ष जांच की मांग की। इस पर संयुक्त मजिस्ट्रेट ने पुलिस क्षेत्राधिकारी रायपुर को संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि तथ्यों की जांच कर शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत दी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को कार्रवाई की आख्या प्रस्तुत करने और संयुक्त जांच वाले मामलों में आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश भी दिए।
जन समाधान दिवस में अपर नगर मजिस्ट्रेट रविंद्र जुवांठा, जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल