ई-कार्ट और सिटी बस योजना के विरोध में ऑटो-विक्रम चालकों का प्रदर्शन, नगर आयुक्त का किया घेराव

 


हरिद्वार, 30 अक्टूबर (हि.स.)। प्रशासन की प्रस्तावित ई-कार्ट और सिटी बस योजना के विरोध में ऑटो-विक्रम और ई-रिक्शा संयुक्त महासंघ ने शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। महासंघ से जुड़े सैकड़ों चालकों ने ऋषिकुल मैदान से नगर निगम तक पैदल मार्च निकाला और मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार का घेराव कर धरना दिया। ज्ञापन सौंपने के बाद आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त किया गया।

महासंघ के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा और राजू मनोचा ने कहा कि प्रशासन तानाशाही रवैया अपना रहा है। गरीब परिवार भरण-पोषण के लिए ऑटो, विक्रम और ई-रिक्शा चलाते हैं, नई योजना से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा होगा। शहर में 14 हजार से अधिक ई-रिक्शा, ऑटो और विक्रम संचालित हैं, ऐसे में ई-कार्ट और सिटी बसों से हजारों परिवार प्रभावित होंगे और यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ेगा।

नवीन तेश्वर और विष्णु अरोड़ा ने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। आशंका है कि पहले ई-रिक्शा और फिर धीरे-धीरे ऑटो-विक्रम का संचालन बंद किया जा सकता है। यदि सरकार रोजगार से जुड़ा कदम उठाती है तो पहले वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करे, नहीं तो गरीब परिवारों पर आर्थिक संकट गहराएगा।

वहीं मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि धर्मनगरी के लिए यह योजना अच्छी है और इससे किसी का रोजगार प्रभावित नहीं होगा। योजना जीरो जोन में बुजुर्गों की सुविधा के लिए संचालित की जाएगी।

प्रदर्शन में कपिल बिश्नोई, सर्वेश राय, सुभाष सिंह, दीपक उपाध्याय, सुशीला, गुड्डी, प्रेम कुमार, गोपाल साहू, जाकेश गिरी, परमिंदर, रवींद्र, भरत पंजवानी, देबू कोरी, सलीम कुरैशी, दीपक सिंह, रंजीत सिंह, संजीव, पवन अरोड़ा, अमर मिश्रा, सुमित कुमार, हरेंद्र सिंह, दीपक सिंधी, आदेश पंडित, मांगेराम, हरीश अरोड़ा, रवींद्र कुमार, मुशीर, लोकेश, जगदीश भारद्वाज आदि शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला