स्वानुशासन से ही अच्छे राष्ट्र का निर्माण संभव: डॉ. वेदालंकार

 


हरिद्वार, 22 अगस्त (हि.स.)। कन्या गुरुकुल हरिद्वार के वनस्पति एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग की ओर से नवागंतुक छात्राओं के लिए प्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। कार्यक्रम में गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के दर्शन विभाग के डॉ. भारत वेदालंकार ने छात्राओं को गुरुकुलीय परंपरा, यज्ञ के महत्व तथा आर्य समाज के नियमों और शिक्षा के क्षेत्र में उसके योगदान की जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को जीवन में अनुशासन का महत्व बताते हुए कहा कि स्वानुशासित रहकर ही हम एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

डॉ. भारत वेदालंकार ने स्वामी श्रद्धानंद के जीवन परिचय और गुरुकुल शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने सामाजिक कुरीतियों के विरोध के साथ-साथ समाज में शिक्षा और जागरूकता के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की भावना के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। इस दौरान स्वामी श्रद्धानंद के जीवन एवं उनके कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में डॉ. वरिंदर विर्क ने विचार व्यक्त किए। डॉ. मेधा दुर्गापाल ने मंच संचालन करते हुए गुरुकुल की परंपराओं पर अपने विचार रखे, जबकि डॉ. कल्पना सागर ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में एमएससी सूक्ष्मजीव विज्ञान, बीएससी वनस्पति विज्ञान एवं बीएससी सूक्ष्मजीव विज्ञान की छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर डॉ. मेधा दुर्गापाल, डॉ. आकांक्षा, राहुल प्रकाश, रोहित कुमार गोयल, शोभा सहित अन्य उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला