गैरसैंण में सत्र, दून में कार्यमंत्रणा समिति की बैठक पर प्रीतम ने उठाए सवाल

 


देहरादून, 21 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा का सत्र गैरसैंण में बुलाने और कार्यमंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में आयोजित करने के फैसले पर कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसे सरकार की कथनी और करनी में अंतर बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में विकसित करने के प्रति गंभीर नहीं है।

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष, चकराता विधायक और विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति के सदस्य प्रीतम सिंह ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि राज्य सरकार ने 27 और 28 अक्टूबर को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में विधानसभा सत्र आहूत किया है, जबकि सत्र की कार्यवाही और कार्यसूची निर्धारित करने के लिए कार्यमंत्रणा समिति की बैठक 24 अक्टूबर को देहरादून में बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा सत्र गैरसैंण में होना है तो कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी वहीं आयोजित की जानी चाहिए।

प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने का श्रेय तो लेती है लेकिन वहां नियमित विधानसभा सत्र आयोजित करने और राजधानी के अनुरूप व्यवस्थाएं विकसित करने के मामले में उदासीन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक देहरादून में बुलाया जाना गैरसैंण में सत्र आयोजित करने को महज औपचारिकता तक सीमित करने जैसा है।

उन्होंने विधानसभा सत्र की अवधि केवल दो दिन निर्धारित किए जाने पर भी सवाल उठाए। प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, पलायन, आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। ऐसे में दो दिन के सत्र में इन विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा करना मुश्किल होगा।

उन्होंने कहा कि विधानसभा लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है, जहां जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याएं उठाने और सरकार से जवाब मांगने का अवसर मिलता है। इसलिए सत्र की अवधि पर्याप्त होनी चाहिए, ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सके।

कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार और विधानसभा अध्यक्ष से 24 अक्टूबर को देहरादून में प्रस्तावित कार्यमंत्रणा समिति की बैठक को गैरसैंण में आयोजित करने पर पुनर्विचार करने तथा 27 और 28 अक्टूबर के विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय