यह संसार झूठा, सत्य केवल परमेश्वर : शिवानंद
हरिद्वार, 16 अप्रैल (हि.स.)। संत ज्ञानेश्वर स्वामी सदानंद परमहंस द्वारा स्थापित संस्था सदानंद तत्त्वज्ञान परिषद के तत्वावधान में श्रीहरिद्वार आश्रम, रानीपुर मोड़, हिल बाईपास रोड, औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे सत्संग कार्यक्रम में महात्मा शिवानंद दास ने अपने प्रवचनों के माध्यम से जीवन, सत्य और आध्यात्मिक ज्ञान के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह संसार जैसा दिखाई देता है, उसकी वास्तविकता वैसी नहीं है। अज्ञान के कारण मनुष्य भ्रम में जीता है और असत्य को ही सत्य मान बैठता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे अंधेरे में रस्सी भी सर्प के समान प्रतीत होती है, वैसे ही अज्ञान की अवस्था में यह संसार सत्य जैसा प्रतीत होता है।
महात्मा शिवानंद दास ने कहा कि परमात्मा की कृपा से जब सद्गुरु का सान्निध्य प्राप्त होता है, तब ज्ञान रूपी प्रकाश मनुष्य के जीवन में प्रवेश करता है और सभी भ्रम दूर हो जाते हैं। जैसे नींद से जागने पर स्वप्न का भ्रम समाप्त हो जाता है, उसी प्रकार ज्ञान प्राप्त होने पर संसार का मोह और माया समाप्त हो जाती है।
उन्होंने बताया कि संत ज्ञानेश्वर स्वामी सदानंद परमहंस ने अपने उपदेशों के माध्यम से यही संदेश दिया कि एकमात्र परमब्रह्म ही सत्य है, शेष समस्त संसार मिथ्या है। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति और आस्था के साथ प्रवचनों को सुना। सत्संग के उपरांत भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे और पूरा परिसर भक्ति रस में सराबोर हो गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला