सीएसई की 60 और एआई की 30 सीटों पर होगी बीटेक की पढ़ाई, 24 पदों को मंजूरी

 

नई टिहरी, 21 अगस्त (हि.स.)। राज्य सरकार ने पॉलीटेक्निक नरेंद्रनगर को गवर्नमेंट इंटीग्रेटेड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के रूप में विकसित करने को मंजूरी दे दी है। संस्थान में वर्तमान शैक्षणिक सत्र से बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (सीएसई) की 60 और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की 30, कुल 90 सीटों पर पढ़ाई शुरू की जाएगी।

तकनीकी शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा की ओर से शुक्रवार को जारी शासनादेश में कहा गया है कि एनसीटीई की स्वीकृति एवं अनुमोदन और विश्वविद्यालय की अनुमति मिलने के बाद संबंधित शैक्षणिक सत्र के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वन एवं स्वास्थ्य मंत्री और क्षेत्रीय विधायक सुबोध उनियाल ने कहा कि नरेंद्रनगर में आधुनिक और रोजगारपरक तकनीकी शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। शासन की मंजूरी के बाद क्षेत्र के विद्यार्थियों को कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर मिल सकेंगे।

शासन ने बीटेक पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए 18 शिक्षण पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इनमें दो प्रोफेसर, चार एसोसिएट प्रोफेसर और 12 असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। इसके अलावा छह शिक्षणेत्तर पद भी स्वीकृत किए गए हैं।

शासनादेश के अनुसार नरेंद्रनगर स्थित संस्थान को तकनीकी विश्वविद्यालय के कैंपस के रूप में संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण में आवश्यक आधारभूत संरचना के निर्माण का पूरा व्यय सरकार वहन करेगी। संस्थान में भवन, कक्ष, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय और अन्य अवस्थापना सुविधाओं का विकास निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाएगा।

मंत्री उनियाल ने कहा कि नरेंद्रनगर को शिक्षा के हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थान के विकसित होने से नरेंद्रनगर के साथ ही टिहरी और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश रतूड़ी