मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के खर्च का ब्यौरा सार्वजनिक करें सरकार: हरक सिंह रावत

 


देहरादून, 16 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के उपयोग को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस कोष का पैसा किसी अधिकारी या मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का है, इसलिए इसके उपयोग की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। रावत ने धामी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कोष से धन वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भाजपा से जुड़े एक ही परिवार को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को धन दिया गया है, उनके नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि प्रदेश की जनता को वास्तविक स्थिति का पता चल सके। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर हिन्दू-मुस्लिम जैसे विषय उठाए जा रहे हैं। रावत ने कहा कि जिस कथित मुस्लिम विश्वविद्यालय का मुद्दा उठाया गया था, वह अब ठंडा पड़ गया है।

भूमि संबंधी मामलों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जमीनों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र की भूमि को भी बेचने का आरोप लगाया और अन्य सरकारी जमीनों के संबंध में भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने प्रदेश में गैस की कथित किल्लत और बढ़ती महंगाई को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्हाेंने कहा कि प्रदेश में गैस की उपलब्धता को लेकर आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार को लोगों की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार बढ़ती महंगाई का बोझ आम जनता पर डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी आम लोगों की आवाज बनकर महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की कमी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस राज्यभर में जनआंदोलन चलाकर जनता के मुद्दों को उठाएगी। रावत ने केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ईडी और सीबीआई जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच में अपेक्षित तेजी नहीं दिख रही है और आशंका जताई कि जांच लंबे समय तक चल सकती है। उन्होंने कहा कि अंकिता हत्याकांड प्रकरण में जिन भाजपा नेताओं के नाम सामने आए हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनानी चाहिए।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के भराड़ीसैंण विधानसभा में एक बयान काे लेकर कांग्रेस नेता रावत ने कहा कि इस प्रकार के बयान देना उचित नहीं है। कांग्रेस की संगठनात्मक गतिविधियों पर उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इसके बाद राज्य में तीन महीने का कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें विभिन्न जोन बनाकर प्रमुख स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं, धरना-प्रदर्शन और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वक्फ बोर्ड के संदर्भ में रावत ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

बीकेटीसी में मुस्लिमों के प्रवेश से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मुस्लिम समुदाय के लोग भी गढ़वाली और कुमाऊंनी संस्कृति का हिस्सा हैं और कई लोग मंदिर और मस्जिद दोनों स्थानों पर जाते हैं। ऐसे में किसी प्रकार की पाबंदी उचित नहीं है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय