विवेकाधीन कोष पर कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड जगजाहिर: मनवीर सिंह चौहान
देहरादून, 16 मार्च (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले में कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड जगजाहिर है और जनता ने उसे दो कार्यकाल में इसी वजह से सबक सिखाया था।
मनवीर सिंह चौहान ने सोमवार शाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली निर्वाचित कांग्रेस सरकार के दौरान राहत कोष का वितरण राज्य से बाहर तक किया गया और सरकारी धन की बंदरबांट के आरोप लगे। उन्होंने कहा कि यही कारण रहा कि जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी यह सिलसिला जारी रहा। उस समय मुख्यमंत्री के अलावा तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अपने विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों रुपये वितरित किए गए। चौहान ने आरोप लगाया कि बाद में जनता ने कांग्रेस को ऐसा सबक सिखाया कि पार्टी आज अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही है।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस अब विवेकाधीन कोष के मुद्दे पर भाजपा को घेरने के लिए मिथ्या आरोप लगा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एलपीजी गैस आपूर्ति को लेकर भी आम जनता के बीच भय का वातावरण उत्पन्न करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी गैस को लेकर किसी प्रकार का संकट नहीं है और केंद्र सरकार ने गैस आपूर्ति तथा वितरण व्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों गरीब परिवारों को रसोई गैस का लाभ मिला है और आज दूरस्थ गांवों तक गैस की सुविधा पहुंची है।
उन्होंने कहा कि वितरण प्रणाली को व्यवस्थित रखने के लिए कुछ तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की जाती हैं, लेकिन कांग्रेस इसे संकट बताकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में गैस एजेंसियों के माध्यम से होम डिलीवरी व्यवस्था लागू की गई है, जिससे केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ नहीं होती।
श्री चौहान ने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद गैस की कालाबाजारी पर अंकुश लगा है और एजेंसियों पर लगने वाली लंबी कतारें समाप्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है और कांग्रेस के आरोप हास्यास्पद हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर खाड़ी क्षेत्र में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण तेल की कीमतों को लेकर चुनौतियां हैं, लेकिन भारत में इसका फिलहाल कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय