सीबीआई जांच पर सवाल उठाना कांग्रेस की हताशा: विनोद चमोली

 


देहरादून, 21 अगस्त (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता एवं धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों को राजनीतिक हताशा करार दिया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई स्वतंत्र जांच एजेंसी है और उसे तथ्यों, साक्ष्यों और कानून के आधार पर जांच पूरी करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

विधायक चमोली ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस इस संवेदनशील प्रकरण को बार-बार राजनीतिक मुद्दा बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग न तो कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप है और न ही पीड़ित परिवार के हित में। यदि कांग्रेस के पास कोई तथ्य या साक्ष्य हैं तो उसे जांच एजेंसी के समक्ष रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अंकिता प्रकरण में राज्य सरकार ने शुरुआत से ही कार्रवाई में कोई कोताही नहीं बरती। घटना के 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया गया और महिला डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई तथा वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्यों और 100 से अधिक गवाहों के बयानों के आधार पर करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप न्यायालय ने तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि 19 अगस्त को उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा तीनों दोषियों की जमानत याचिकाएं खारिज किया जाना भी न्यायिक प्रक्रिया के तहत मामले के आगे बढ़ने को दर्शाता है।

चमोली ने कहा कि पीड़ित परिवार की मांग का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की और परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य दोषियों को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाना और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना रहा है।

उन्होंने कांग्रेस से मामले में राजनीति से बचने की अपील करते हुए कहा कि यदि उसके पास कोई ठोस तथ्य है तो उसे सीबीआई या न्यायालय के समक्ष रखा जाए। केवल राजनीतिक बयानबाजी से न्याय की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती। उन्होंने कहा कि सीबीआई को जांच पूरी करने दी जानी चाहिए और तथ्यों के सामने आने के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय