एसआईआर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक कर राजनीतिक दलों से मांगे सुझाव

 


-एएसडीडी श्रेणी में अबतक 76 हजार से अधिक मतदाता चिन्हित

देहरादून, 18 जून (हि.स.)। उत्तराखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने गुरुवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर अभियान की प्रगति की समीक्षा की तथा सहयोग का आह्वान किया।

शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों से गणना फार्म वितरण, डिजिटाइजेशन और फील्ड स्तर पर चल रहे पुनरीक्षण कार्यों का फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में गणना फार्म वितरण का कार्य 99 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है,जबकि अब तक 20 प्रतिशत गणना फार्मों का डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार डिजिटाइजेशन कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 8 जून से शुरू हुए अभियान के दौरान बीएलओ के फील्ड सत्यापन में अब तक 76,754 मतदाता एएसडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित अथवा मृत) श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि उनके बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) आगामी 7 जुलाई से पहले बीएलओ के साथ समन्वय कर इन मतदाताओं का सत्यापन करें, ताकि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर एसआईआर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 14 जुलाई को होगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी तथा 14 जुलाई से 11 सितंबर तक उनका निस्तारण किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने एसआईआर को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए राजनैतिक दलों से सहयोग की अपील की। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड में 11733 पोलिंग बूथ के सापेक्ष वर्तमान में प्रदेश में राजनैतिक दलों द्वारा 22 हजार 900 से अधिक बीएलए की तैनाती कर दी गई है।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे,उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी,सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित भाजपा, कांग्रेस,बीएसपी, आम आदमी पार्टी,सीपीआई (एम) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय