एसआईआर के विरोध पर महेंद्र भट्ट का कांग्रेस पर हमला, बोले- लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश
देहरादून, 06 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध को लेकर उस पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक प्रक्रिया को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से मृतक, डुप्लीकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर सूची को त्रुटिहीन बनाने की प्रक्रिया का विरोध करने का कोई औचित्य नहीं है।
भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मंगलवार को मीडिया से बातचीत में महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह मृत और फर्जी लोगों के नाम मतदाता सूची में बनाए रखने के पक्ष में क्यों है। उन्होंने सवाल किया कि दूसरे स्थान पर जा चुके लोगों के डुप्लीकेट नाम मतदाता सूची में क्यों बने रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का सत्यापन और उसमें आवश्यक सुधार संवैधानिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
महेंद्र भट्ट ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बिना वैध दस्तावेजों के फर्जी मतदाता बनाने की कोशिश करता है तो यह गंभीर कृत्य है। उन्होंने कांग्रेस पर एसआईआर के बहाने चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने, जबकि लोकसभा चुनाव 2024 में ही संपन्न हो चुके थे। ऐसे में 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को लाभ पहुंचाने का आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है तो उसे अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण सामने लाने चाहिए और आवश्यकता होने पर न्यायालय का रुख करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं के निर्वाचित होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि पूरी चुनाव प्रक्रिया ही गलत है तो राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा और तमिलनाडु और केरल के मुख्यमंत्रियों के चुनाव को भी कांग्रेस को इसी आधार पर गलत मानना चाहिए।
महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अपने मताधिकार की ताकत को समझती है और चुनाव प्रक्रिया में सुधार का विरोध स्वीकार नहीं करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय