विकास कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : जिलाधिकारी
पौड़ी गढ़वाल, 22 जुलाई (हि.स.)। पौड़ी गढ़वाल की जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक देरी पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी देते हुए सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को विकास भवन सभागार में जिला योजना, राज्य सेक्टर, केंद्र पोषित योजनाओं और 20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए और किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने लंबित निविदाओं को शीघ्र पूरा कर निर्माण कार्य शुरू कराने तथा वर्ष 2025-26 की अधूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। कनिष्ठ अभियंताओं को नियमित क्षेत्र भ्रमण कर गांवों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने तथा दूरस्थ क्षेत्रों में तैनात अधिकारियों को मुख्यालय पर रहकर दायित्व निभाने को कहा।
जिलाधिकारी ने कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य और ग्रामीण विकास विभागों को योजनाओं का संचालन स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप करने तथा ग्रामीण उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था विकसित कर किसानों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ाने पर जोर दिया।
उन्होंने अस्पतालों, विद्यालयों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में बिजली, पेयजल और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। कंडोलिया मैदान और रांसी स्टेडियम से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के लिए खेल, लोक निर्माण और पेयजल विभाग को संयुक्त निरीक्षण करने को कहा।
जिलाधिकारी ने पंचायतीराज विभाग को प्रमुख ग्रामीण बाजारों में मॉडल सार्वजनिक शौचालय विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने तथा उद्योग विभाग को उच्च शिक्षण संस्थानों में प्लेसमेंट ड्राइव, रोजगार परामर्श और कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना की पहली किस्त 32 विभागों को जारी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत पांच करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम और ग्रामीण निर्माण विभाग को सड़क एवं पेयजल से जुड़ी सभी परियोजनाएं अक्टूबर तक पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
वर्षाकाल को देखते हुए उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में उपचार कार्यों को प्राथमिकता देने, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने तथा वर्षा से बाधित सभी मोटर मार्गों को 24 घंटे के भीतर खोलने के निर्देश दिए। साथ ही अधिक भूस्खलन प्रभावित स्थलों की फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत कर स्थायी समाधान की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
20 सूत्रीय कार्यक्रमों की समीक्षा में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाले विभागों को शीघ्र कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल बजट खर्च करना नहीं, बल्कि जनता तक समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण लाभ पहुंचाना है।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह