माटी कला बोर्ड में नियुक्तियों पर पुनर्विचार की मांग

 


देहरादून, 20 सितंबर (हि.स.)। प्रजापति समाज ने माटी कला बोर्ड में उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों में गैर-कुम्हारों को शामिल किए जाने पर नाराजगी जताते हुए सरकार से नियुक्तियों पर पुनर्विचार करने की मांग की है। समाज ने माटी कला से जुड़े पारंपरिक कारीगरों को बोर्ड में पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की मांग की।

चकराता रोड स्थित कुम्हार मंडी में रविवार को आयोजित प्रजापति समाज की बैठक एवं संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड के विभिन्न जिलों से आए समाज के प्रतिनिधियों ने शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, युवाओं के अवसर और राजनीतिक भागीदारी सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्य मंत्री मेला राम प्रजापति ने कहा कि माटी कला बोर्ड का उद्देश्य पारंपरिक माटी शिल्प से जुड़े कारीगरों के आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक विकास को बढ़ावा देना है। ऐसे में बोर्ड के महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति में माटी कला क्षेत्र के पारंपरिक अनुभव और विशेषज्ञता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार से हाल की नियुक्तियों पर पुनर्विचार कर योग्य एवं अनुभवी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।

राष्ट्रीय प्रजापति महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय प्रजापति ने समाज की एकजुटता पर जोर देते हुए युवाओं को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।

बैठक में देहरादून के शास्त्रीनगर में कुम्हारों के लिए आवंटित 24 बीघा भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि जल्द कब्जा नहीं हटाया गया तो नगर निगम में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

कार्यक्रम का संचालन योगेश प्रजापति ने किया। इस मौके पर एडवोकेट चन्द्रपाल प्रजापति, राजकुमार दक्ष, विनय प्रजापति, ओमप्रकाश प्रजापति, पार्षद देवेंद्र प्रजापति, पार्षद यजुर प्रजापति, अशोक प्रजापति, अंकित प्रजापति, राजकुमार प्रजापति, अनिल वर्मा, प्रजापति भृगुनाथ पंडित, कृपाल प्रजापति सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय