एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत नॉर्थ ईस्ट के युवाओं से मुख्यमंत्री ने किया संवाद
देहरादून, 31 मार्च (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार क़ो मुख्यमंत्री आवास में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी राज्यों के युवाओं ने संवाद किया। ये युवा की तीन दिवसीय राज्य भ्रमण पर आये हैं।
इस दौरान विभिन्न उत्तर-पूर्वी राज्यों के छात्रों ने मुख्यमंत्री से कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने उत्तर दिया। त्रिपुरा की एक छात्रा ने छात्रों की सुविधा और सुरक्षा के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश-विदेश से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं और उनकी सुविधा और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अरुणाचल प्रदेश के एक छात्र ने उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियाँ काफी हद तक समान हैं, जिससे “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को और मजबूती मिलती है।
उत्तराखंड में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं तथा महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ने 19 हजार करोड़ रुपये का जेंडर बजट निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से आए सभी छात्र-छात्राओं का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि देश के “अष्टलक्ष्मी” कहे जाने वाले उत्तर-पूर्वी राज्यों एवं लद्दाख जैसे हिमालयी क्षेत्रों से आए युवाओं के बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि ये सभी युवा अपने-अपने राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट पहचान के साथ उत्तराखंड को और अधिक समृद्ध बनाने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न वेशभूषा, भाषाएं, परंपराएं और जीवनशैली भारत की “विविधता में एकता” की भावना को साकार करती हैं और यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने उत्तर-पूर्वी राज्यों की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली चोटियाँ, असम के चाय बागान, मणिपुर की लोकतक झील, मेघालय के पर्वत, मिजोरम की वादियां, नागालैंड की परंपराएं, सिक्किम की कंचनजंगा, त्रिपुरा की विरासत और लद्दाख की हिमालयी सुंदरता भारत की विविधता को विशेष पहचान देती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के तहत ये युवा वास्तव में देश के सच्चे ब्रांड एंबेसडर हैं, जो विभिन्न संस्कृतियों और परंपराओं को जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्य प्राकृतिक संपदाओं से समृद्ध हैं और दोनों क्षेत्रों में पहाड़, नदियां, जंगल और जनजातीय जीवनशैली का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की तरह ही उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी लोक संस्कृति पूरी जीवंतता के साथ संरक्षित है। उत्तराखंड के पारंपरिक मेले-त्योहारों की तरह उत्तर-पूर्व में मनाए जाने वाले बिहू, शाद सुक माइनसिएम, चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल और नोंगक्रेम जैसे त्योहार सांस्कृतिक समृद्धि के प्रतीक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्वी राज्य आज विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में नॉर्थ ईस्ट में इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, व्यापार, पर्यटन और डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल