कार्यालयों के लिए नई एसओपी जारी, स्क्रीनिंग से लेकर वार्षिक सुरक्षा ऑडिट के निर्देश
देहरादून, 25 फरवरी (हि.स.)। उत्तराखंड शासन ने राज्य के सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसमें दिशा-निर्देशों में आगंतुकों की अनिवार्य स्क्रीनिंग, प्रवेश नियंत्रण प्रणाली, आचरण संहिता और वार्षिक सुरक्षा ऑडिट जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की ओर से बुधवार को जारी नई एसओपी के तहत कार्यालय परिसर में प्रवेश से पूर्व प्रत्येक आगंतुक की अनिवार्य स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर आगंतुकों का पंजीकरण, पहचान सत्यापन तथा प्रवेश-निकास का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
दिशा-निर्देशों में कर्मचारियों एवं आगंतुकों के लिए ‘डूज एंड डोन्ट्स’ भी निर्धारित किए गए हैं। कार्यालय परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाई गई है तथा सभी के लिए पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है। एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही कार्यालय परिसर में प्रवेश की अनुमति होगी। ‘एक्सेस एंड आइडेंटिफिकेशन’ प्रणाली को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त शिकायत निवारण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी प्रावधान किए गए हैं, जिससे किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए प्रतिवर्ष ‘वार्षिक सुरक्षा ऑडिट’ कराने का प्रावधान भी किया गया है। इसके माध्यम से सुरक्षा प्रणाली की समग्र समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन का मानना है कि नई एसओपी के लागू होने से कार्यालयों में सुरक्षा,अनुशासन और जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और कार्य वातावरण अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय