करीब 45 महाविद्यालयों में एनएसयूआई की जीत का दावा, कांग्रेस ने बताया युवाओं की जागरूकता का परिणाम

 


देहरादून, 30 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड कांग्रेस के महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने प्रदेश में हाल में संपन्न छात्रसंघ चुनावों में नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) और कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों की जीत का दावा करते हुए उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह परिणाम युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्रहित से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता को दर्शाता है।

महासचिव संगठन राजेंद्र सिंह भंडारी ने बुधवार को जारी बयान में दावा किया कि प्रदेश के करीब 45 महाविद्यालयों में एनएसयूआई ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, कर्णप्रयाग, गोपेश्वर, नारायणबगड़, चकराता, डीबीएस देहरादून, टनकपुर, चंपावत, पिथौरागढ़, ऋषिकेश, रुड़की और खटीमा समेत विभिन्न महाविद्यालयों में एनएसयूआई अथवा कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर एनएसयूआई के पूरे पैनल ने जीत दर्ज की है। भंडारी ने कर्णप्रयाग और नारायणबगड़ के अलावा डीबीएस कॉलेज देहरादून में एनएसयूआई प्रत्याशी अभिनव के अध्यक्ष निर्वाचित होने का भी उल्लेख किया।

भंडारी ने आरोप लगाया कि कुछ महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव के दौरान प्रशासनिक हस्तक्षेप और दबाव की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने डीएवी कॉलेज देहरादून और हल्द्वानी के चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न विवादों की निष्पक्षता से समीक्षा होनी चाहिए।

उन्होंने डीएवी कॉलेज में मतगणना के दौरान हंगामे और टनकपुर महाविद्यालय में परिणाम घोषित करने में कथित देरी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और इनमें पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

भंडारी ने आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन को चुनावी प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से युवाओं और छात्र-छात्राओं से जुड़े मुद्दे उठाती रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय