संत समाज के मार्गदर्शन से धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण को मिलती है प्रेरणा: धामी
हरिद्वार, 22 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला स्थित श्री ब्रह्म निवास आश्रम में सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने सतगुरु लाल दास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने आध्यात्मिकता, सेवा, सत्य और भक्ति के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत समाज ने सदैव धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संतों और आचार्यों का मार्गदर्शन समाज को धर्म एवं संस्कृति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति कठिन परिस्थितियों में भी समाज और राष्ट्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने की सीख देती है।धामी ने कहा कि देश में सनातन धार्मिक संस्कृति के पुनर्जागरण का स्वर्णिम काल चल रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर के साथ उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के विकास पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से किया गया है। मंदिर माला मिशन के तहत प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य भी जारी है।
उन्होंने कहा कि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इससे दुर्गम तीर्थस्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी। हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश कॉरिडोर, आस्था पथ तथा शारदा और यमुना तटों के विकास के कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के मूल स्वरूप, पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। देवभूमि की संस्कृति और सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाली गतिविधियों तथा अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने बताया कि देहरादून में हिंदू अध्ययन केंद्र स्थापित किया गया है, जहां धर्म और संस्कृति के साथ ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन, शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने का आह्वान किया था। इसी लक्ष्य के अनुरूप धर्म, विकास, नवाचार और ज्ञान के क्षेत्र में प्रदेश को आगे ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर सतगुरु चेतनानंद भूरी वाले ने बताया कि संस्था पिछले 57 वर्षों से निरंतर अखंड भोजन सेवा चला रही है और गरीबों की सेवा में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रदेश में लागू किए गए कई नियमों और कानूनों का देश के अन्य राज्य भी अनुसरण कर रहे हैं।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज, मेयर रुड़की अनीता अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, ओमप्रकाश जमदग्नि, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, आशु चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोभाल, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह सहित साधु-संत और विभिन्न प्रदेशों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला