हरिद्वार मे जोन स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम में उमड़ा सैलाब

 


हरिद्वार, 04 सितंबर (हि.स.)। बीएचईएल सेक्टर-1 सामुदायिक केंद्र में जोन स्तरीय निरंकारी महिला संत समागम का भव्य आयोजन किया गया। समागम में हरिद्वार जोन की विभिन्न शाखाओं से बड़ी संख्या में निरंकारी बहनों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीतों, कविताओं, नाट्य प्रस्तुतियों और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से मानवता, प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया गया।

समागम में माता सुदीक्षा महाराज का संदेश साध संगत तक पहुंचाते हुए रश्मि राघव ने कहा कि जीवन में प्रेमाभक्ति का विशेष महत्व है। प्रेमाभक्ति मनुष्य के भीतर दया, करुणा, प्रेम, नम्रता और भाईचारे जैसे दिव्य गुणों को विकसित करती है। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि परमात्मा की अनुभूति करते हुए अपने आचरण में दिव्य गुणों को उतारने का नाम है।

उन्होंने भक्ति के स्वरूप और उसके महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब आत्मा को परमात्मा के स्वरूप की अनुभूति होती है, तब जीवन में दया और करुणा के भाव स्वतः उत्पन्न होने लगते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा, सुमिरन तथा सत्संग के माध्यम से भक्त के जीवन में भक्ति के दिव्य गुण सहज रूप से आने लगते हैं। रश्मि राघव ने कहा कि भक्ति मनुष्य के विश्वास और समर्पण को मजबूत करती है तथा उसे आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जाती है। उन्होंने कहा कि साकार की भक्ति के माध्यम से निराकार परमात्मा तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होता है।

उन्होंने कहा कि परमात्मा की अनुभूति जीवन में स्थायी आनंद की अवस्था प्रदान करती है। समागम के दौरान विभिन्न शाखाओं से आई बहनों ने अपनी प्रस्तुतियों, भक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित साध संगत को भावविभोर कर दिया। समापन अवसर पर मंसूरी जोन के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने समागम में सम्मिलित सभी श्रद्धालु भक्तों, बहनों एवं सेवादारों का आभार व्यक्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला