विश्वविद्यालय एनईपी-2020 के क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध रोडमैप तैयार करें: धन सिंह रावत
रुड़की, 22 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी विश्वविद्यालयों को समयबद्ध रोडमैप तैयार करना होगा। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शनिवार को आईआईटी रुड़की में आयोजित ‘उत्तराखंड एनईपी कॉन्क्लेव-2026’ में यह निर्देश दिए।
‘एनईपी एक्शन प्वाइंट टू इंस्टीट्यूशनल एक्शन: उत्तराखंड हायर एजुकेशन रोडमैप’ विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव में डॉ. रावत ने कहा कि एनईपी के सभी प्रावधानों को धरातल पर उतारना सरकार की प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों को पारंपरिक शिक्षण पद्धति के साथ आधुनिक तकनीक, उद्योग जगत की जरूरतों और भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना होगा।
उन्होंने विश्वविद्यालयों में आधुनिक प्रयोगशालाएं, इनोवेशन सेंटर, स्टार्टअप और इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय और राष्ट्रीय उद्योगों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) कर विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन, कृषि, बागवानी, आयुष, आपदा प्रबंधन, हिमालयी पारिस्थितिकी और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय रैंकिंग शुरू करने और रिक्त पदों को भरने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने विश्वविद्यालयों से पुरातन छात्रों का डाटा तैयार करने, छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट कराने तथा पेपर लीक और विद्यार्थियों के डाटा की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कॉन्क्लेव में कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत ने एनईपी के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों पर प्रस्तुति दी। आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने मेंटरिंग और हब एंड स्पोक मॉडल की जानकारी दी। सचिव उच्च शिक्षा बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने वर्ष 2028 तक के रोडमैप की रूपरेखा प्रस्तुत की।
दून विश्वविद्यालय, संस्कृत विश्वविद्यालय, ग्राफिक एरा, एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, एसजीआरआर विश्वविद्यालय, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालय समेत अन्य संस्थानों के कुलपतियों ने इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, इन्क्यूबेशन सेंटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कौशल आधारित शिक्षा पर प्रस्तुतियां दीं। आईआईएम लखनऊ के आदित्य प्रसाद ने स्टार्टअप इकोसिस्टम पर विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन डीन प्रो. एनके नवानी ने किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला