एनडीपीएस मामलों पर सख्ती, एक माह में निस्तारण के निर्देश
देहरादून, 17 मार्च (हि.स.)। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ.वी.मुरूगेशन ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपदीय पुलिस प्रभारियों, एसटीएफ एवं परिक्षेत्रीय अधिकारियों के साथ एनडीपीएस एक्ट के तहत लंबित मामलों की समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान एक वर्ष से अधिक समय से लंबित वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। गढ़वाल परिक्षेत्र के 33 और कुमाऊं परिक्षेत्र के 44 मामलों की अभियोगवार समीक्षा करते हुए साक्ष्यों के आधार पर गैंगस्टर एक्ट,पिट एनडीपीएस एक्ट एवं एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में प्रभावी कार्रवाई और धारा 68 के तहत संपत्ति अधिग्रहण के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीजी मुरुगेशन ने कहा कि नशा तस्करी में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ उनके नेटवर्क को ध्वस्त करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने परिक्षेत्रीय अधिकारियों को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अभ्यस्त अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोलकर सतत निगरानी रखने को कहा गया।
बैठक में एसटीएफ को वाणिज्यिक मामलों की विवेचना की नियमित समीक्षा कर प्रगति से अवगत कराने तथा प्रदेश स्तरीय एएनटीएफ को एनडीपीएस से संबंधित सूचनाओं का व्यवस्थित अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एडीजी ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलीभगत पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिन मामलों में मादक पदार्थ की परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के बावजूद विवेचना लंबित है,उन्हें प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। शेष विवेचनात्मक कार्यवाही पूर्ण करने हेतु विवेचकों को एक माह की समयावधि प्रदान की गई।
समीक्षा के दौरान हरिद्वार के दो,जबकि देहरादून और नैनीताल के एक-एक प्रकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विवेचकों के खिलाफ प्रारंभिक जांच कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में डॉ.नीलेश आनंद भरणे,सुनील कुमार मीणा और धीरेन्द्र गुंज्याल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय