मां भगवती की आराधना साधक को भवसागर से पार लगाती है: दास
हरिद्वार, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मां गौ गंगा धाम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत निर्मल दास महाराज ने कहा कि मां भगवती की आराधना से व्यक्ति को सुख-शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इच्छापूर्णी मां भगवती जगत की अधिष्ठात्री देवी हैं, जो सच्चे मन से की गई उपासना से प्रसन्न होकर भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करती हैं।
श्री तारकेश्वर धाम में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मां की उपासना से व्यक्ति में तप, त्याग, संयम और सदाचार के भाव विकसित होते हैं। इससे वह जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहता है। मां भगवती की आराधना साधक को विपत्तियों का सामना करने का संबल देती है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करती है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि देवी शक्ति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का पावन अवसर है। इस दौरान मां के विभिन्न स्वरूपों की सात्विक भाव से आराधना करने के साथ अपने आचरण में संयम और सदाचार अपनाने का संकल्प लेना चाहिए।
उन्होंने कन्या पूजन का महत्व बताते हुए कहा कि बालिकाओं को मां भगवती का स्वरूप मानकर उनका सम्मान और पूजन करना चाहिए। श्रद्धा और पवित्र भाव से किया गया कन्या पूजन देवी के प्रति भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इस अवसर पर आचार्य रामचंद्र, आचार्य प्रकाश उप्रेती, पंडित सचिन शर्मा, पंडित योगेंद्र मिश्रा और पंडित अजीत त्रिपाठी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला