महानवमी पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मसूरी में नहीं लगेगा दशहरा मेला

 


देहरादून/मसूरी, 19 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र की महानवमी पर सोमवार को उत्तराखंड में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के साथ कन्या पूजन और भंडारों का आयोजन किया गया। मसूरी में इस बार पिक्चर पैलेस में दशहरा मेला नहीं लगेगा। हालांकि, गांधी चौक पर परंपरागत रूप से रावण दहन किया जाएगा।

देहरादून में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कालिदास रोड स्थित बद्रीनाथ मंदिर में मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने 151 कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया। इस दौरान कन्याओं के पांव पखारे गए, उन्हें चुनरी ओढ़ाई गई और आरती उतारने के बाद भोजन कराया गया। मंत्री ने कन्याओं को दक्षिणा और उपहार भी भेंट किए।

इस अवसर पर जोशी ने प्रदेशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति के सम्मान की परंपरा का प्रतीक है। नवरात्र का पर्व नारी के सम्मान और उसके महत्व को समझने की प्रेरणा देता है।

उधर, मसूरी के सोनिक लॉज बस स्टैंड स्थित मां सुरकंडा देवी मंदिर में मसूरी टैक्सी कार ओनर एसोसिएशन की ओर से विशेष पूजा-अर्चना और भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों ने भी मां के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।

एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेंद्र पंवार और महामंत्री राकेश कोटाल ने बताया कि संगठन की ओर से हर वर्ष महानवमी पर पूजा-अर्चना और भंडारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ श्रद्धालुओं को सेवा और प्रसाद उपलब्ध कराना है। मंदिर के पुजारी संदीप जोशी ने बताया कि महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन श्रद्धालु सुख-शांति और कल्याण की कामना करते हैं। कई स्थानों पर कन्या पूजन और भंडारों के साथ नवरात्र का समापन होता है।

मसूरी में दशहरे पर इस बार पिक्चर पैलेस में मेला आयोजित नहीं किया जाएगा। मसूरी ट्रेडर्स एंड वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से हर वर्ष लगाए जाने वाले इस मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक पहुंचते थे। मेले में रावण दहन के साथ बच्चों और परिवारों के लिए विभिन्न गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रहती थीं। पहले पिक्चर पैलेस और गांधी चौक, दोनों स्थानों पर रावण दहन होता था।

एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने बताया कि कुछ निजी कारणों से इस वर्ष मेले का आयोजन संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अगले वर्ष फिर से मेला आयोजित करने का प्रयास करने की बात कही। वहीं, गांधी चौक पर लाइब्रेरी समिति की ओर से रावण दहन की तैयारी की जा रही है। ऐसे में दशहरे की परंपरा जारी रहेगी लेकिन पिक्चर पैलेस में मेले की रौनक इस बार नहीं दिखाई देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय