केदारघाटी के युवा बनेंगे प्रकृति के दूत, नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण शुरू

 


देहरादून, 05 जून (हि.स.)। केदारघाटी में पहली बार ऐसा प्रशिक्षण शुरू हुआ है, जिसमें स्थानीय युवा अपने ही जंगलों, पहाड़ों, नदियों, पक्षियों, लोककथाओं और प्राकृतिक धरोहर को नए नजरिए से समझेंगे और आने वाले पर्यटकों तक उसकी सही जानकारी पहुंचाएंगे।

शुक्रवार को क्रौंच हिल्स, साऊदी, अगस्त्यमुनि में नेचुरलिस्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ। यह प्रशिक्षण उत्तराखण्ड सरकार व पर्यटन एवं आतिथ्य कौशल परिषद (पीएचएससी) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ भाजपा नेता अनूप सेमवाल ने कहा कि उत्तराखण्ड की सबसे बड़ी ताकत उसकी प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और लोक परम्पराएं हैं। यदि स्थानीय युवा अपने क्षेत्र की सही जानकारी सीख लें तो वे न केवल पर्यटकों का बेहतर मार्गदर्शन कर सकते हैं, बल्कि अपने लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार कर सकते हैं।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार हरीश गुसाईं ने प्रतिभागियों को केदारनाथ क्षेत्र से जुड़ी रोचक लोककथाओं, धार्मिक मान्यताओं और कम चर्चित पर्यटन स्थलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने देवरियाताल और आसपास के अनेक नेचर ट्रेल्स का उल्लेख करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में ऐसी कई जगहें हैं जिनके बारे में आज भी बहुत कम लोग जानते हैं। उन्होंने युवाओं से अपने गांव और क्षेत्र की कहानियों, परम्पराओं और प्राकृतिक विरासत को सहेजने और लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग की अपर निदेशक पूनम चंद ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ीं। उन्होंने कहा कि अगस्त्यमुनि और उसके आसपास का क्षेत्र ट्रेकिंग, प्रकृति भ्रमण और एडवेंचर गतिविधियों के लिए बेहद उपयुक्त है। यहां कई सुंदर ट्रेक और नेचर ट्रेल्स मौजूद हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा कि वे प्रशिक्षण के दौरान इन स्थानों को स्वयं देखें, समझें और उनके बारे में विस्तार से सीखें, ताकि भविष्य में पर्यटकों को बेहतर जानकारी दे सकें।

कार्यक्रम में अगस्त्यमुनि व्यापार मंडल के अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह नेगी एवं वरिष्ठ भाजपा नेता उमेश चंद्र कांडपाल भी उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्र के युवाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी मजबूत करेंगे।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को पक्षियों की पहचान, जंगलों और जैव विविधता की जानकारी, स्थानीय संस्कृति, प्रकृति की व्याख्या, ट्रेकिंग मार्गों तथा पर्यटकों के साथ संवाद जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेष बात यह है कि प्रशिक्षण केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रतिभागियों को क्षेत्र भ्रमण के माध्यम से व्यावहारिक जानकारी भी दी जाएगी।

समर्पित मीडिया सोसायटी के पंकज शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को प्रकृति आधारित पर्यटन से जोड़ना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। प्रशिक्षित नेचुरलिस्ट न केवल पर्यटकों का मार्गदर्शन करेंगे, बल्कि केदारघाटी की प्रकृति, संस्कृति और लोकजीवन को देश-दुनिया तक पहुँचाने का कार्य भी करेंगे।

उद्घाटन समारोह में स्थानीय लोगों और प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई युवाओं ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने ही क्षेत्र की प्रकृति, इतिहास, संस्कृति और पर्यटन को इतनी गहराई से जानने और समझने का अवसर मिल रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल