राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस पर सम्मानित हुए प्रगतिशील किसान

 


हरिद्वार, 10 जुलाई (हि.स.)। राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के अवसर पर मत्स्य विभाग हरिद्वार की ओर से विकास भवन सभागार में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में जिले के सभी विकासखंडों से आए मत्स्य पालकों ने भाग लिया। इस दौरान मत्स्य पालकों ने अपने अनुभव साझा किए और मत्स्य उत्पादन, विपणन व आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की। सहायक निदेशक मत्स्य ने राष्ट्रीय मत्स्य पालक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस वैज्ञानिक मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, मत्स्य पालकों के योगदान का सम्मान करने और उन्हें नवीन तकनीकों व सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

उन्होंने मत्स्य पालकों से विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाकर मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में अपनाने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि 9 जुलाई को हुई अतिवृष्टि और भारी बारिश से जिन मत्स्य पालकों के मत्स्य भंडार (स्टॉक) को नुकसान पहुंचा है, वे शीघ्र क्षति का विवरण मत्स्य विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जा सके।

सीडीओ ने विभाग की ऑर्नामेंटल (आलंकारिक) मत्स्य पालन योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने मत्स्य पालकों से सामान्य और ऑर्नामेंटल दोनों प्रकार की मछलियों का पालन कर बाजार की बढ़ती मांग का लाभ उठाने की अपील की।

कार्यक्रम में मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील मत्स्य कृषकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य किसानों से भी उनके अनुभवों और नवाचारों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला