मसूरी में मेडिकल स्टोरों में मिलीं अनियमितताएं, तीन प्रतिष्ठानों में दवा की खरीद-बिक्री पर रोक

 


देहरादून, 11 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र में मंगलवार को मेडिकल स्टोरों के संयुक्त औचक निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं सामने आने के बाद तीन प्रतिष्ठानों में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा और औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान शामिल रहे। टीम ने मेडिकल स्टोरों में औषधियों के रखरखाव, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय के रिकॉर्ड, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था और सीसीटीवी की जांच की।

निरीक्षण के दौरान हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। एक्सपायर दवाएं अन्य दवाओं के साथ रखी हुई थीं। स्टोर में दवाओं के अलावा दैनिक उपभोग की अन्य वस्तुएं भी बिक्री के लिए रखी मिलीं। सीसीटीवी की व्यवस्था नहीं थी और रैक में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। टीम ने दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए संचालक को नोटिस का जवाब देने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक उपस्थित मिले। हालांकि एक्सपायर दवाओं का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। फ्रिज चालू था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाएं संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं। नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड भी प्रस्तुत किया गया। टीम ने आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

अग्रवाल मेडिकोज में फार्मासिस्ट अवकाश पर थी और स्टोर मालिक मौजूद था। निरीक्षण में फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाओं की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाओं के साथ एक्सपायर दवाएं भी पाई गईं। कई दवाएं कटी हुई अवस्था में थीं और स्टोर में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। गंभीर अनियमितताओं के चलते स्टोर बंद कराते हुए दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिली। एक्सपायर दवाओं का रखरखाव अव्यवस्थित पाया गया और फ्रिज खराब मिला। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं के कारण स्टोर को तत्काल बंद कराते हुए दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट और स्टोर मालिक मौजूद मिले, लेकिन लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक उसे प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त मिली और नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। एक्सपायर दवाएं अन्य दवाओं के साथ रखी थीं और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं मिले। टीम ने व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप किए जाने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि निरीक्षण का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता और सुरक्षित वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निगरानी और जागरूकता के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ और पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय