उत्तराखंड में पर्वतीय सड़कों का काम होगा तेज, एक साथ स्वीकृत होंगे निर्माण के दोनों चरण
देहरादून, 24 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड में पर्वतीय सड़कों के निर्माण को गति देने के लिए लोक निर्माण विभाग ने दूसरे चरण के कार्यों को प्राथमिकता देने की नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत सड़क निर्माण के पहले चरण में पहाड़ कटान के साथ ही दूसरे चरण में दीवारों, पुलियों और अन्य जरूरी संरचनाओं के निर्माण को भी स्वीकृति दी जाएगी।
प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पहले पहाड़ कटान का काम पूरा होने के बाद दूसरे चरण के कार्यों की स्वीकृति भी नई सड़कों की तरह विधायकों की प्राथमिकता पर निर्भर करती थी। इसके कारण कई सड़कें वर्षों तक अधूरी रह जाती थीं।
उन्होंने कहा कि नालियों, पुलियों, सुरक्षा दीवारों, ढाल संरक्षण और सड़क सतह के निर्माण के अभाव में बरसात के दौरान ऐसी सड़कों पर यातायात बाधित होता था। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
सतपाल महाराज ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पहले चरण में पहाड़ कटान और मलबा डालने के निर्धारित स्थलों (डंपिंग जोन) से जुड़े कार्यों तथा दूसरे चरण में दीवारों और पुलियों सहित अन्य जरूरी निर्माण कार्यों को एक साथ स्वीकृत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे सड़क सुरक्षा बेहतर करने, भूस्खलन और बारिश के दौरान होने वाले नुकसान को कम करने और बार-बार मरम्मत और पुनर्निर्माण पर होने वाले खर्च में कमी लाने में मदद मिलेगी। साथ ही, पहले किए गए सरकारी निवेश का बेहतर उपयोग हो सकेगा और पर्वतीय क्षेत्रों में सालभर सड़क संपर्क बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत करना, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना और लोगों को सुरक्षित सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय