पर्वतीय कृषि में उत्पादन नहीं, प्रति परिवार आय बढ़ाने पर हो जोर : गणेश जोशी

 


देहरादून, 18 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को कहा कि पर्वतीय कृषि की चुनौतियों को देखते हुए कृषि नीति का फोकस केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय प्रति परिवार आय बढ़ाने पर होना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी और टिकाऊ फसल पद्धतियों पर विशेष परियोजना शुरू करने का आग्रह किया।

मंत्री गणेश जोशी ने नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की 97वीं वार्षिक आम बैठक में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि उत्तराखंड की पर्वतीय कृषि मुख्य रूप से वर्षा आधारित है। छोटी एवं विखंडित जोत, कम उत्पादकता और वन्यजीवों से फसल क्षति जैसी समस्याओं के कारण कृषि भूमि के परती रहने और पलायन की समस्या बढ़ रही है।

उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आईसीएआर के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों के लिए कृषि, उद्यान, फलदार वृक्ष और पशुपालन को एकीकृत करते हुए विविधीकृत कृषि मॉडल विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मॉडल तैयार किए जाने चाहिए, जिनसे छोटी जोत वाले किसानों को वर्षभर आय और रोजगार मिल सके तथा युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ा जा सके।

कृषि मंत्री ने उत्तराखंड में गहत की नई प्रमाणित प्रजाति उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आईसीएआर से राज्य की स्थानीय और पारंपरिक गहत किस्मों का उपयोग कर नई प्रजातियां विकसित करने का अनुरोध किया। साथ ही कम वर्षा और प्रतिकूल मौसम में बेहतर उत्पादन देने वाली स्थानीय दलहन एवं मिलेट्स की किस्मों को चिन्हित कर जलवायु अनुकूल नई प्रजातियां विकसित करने पर जोर दिया।

मंत्री ने जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के मद्देनजर विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा और गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,पंतनगर के माध्यम से जलवायु अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर नई परियोजना शुरू करने का भी आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि अनुसंधान संस्थानों में विकसित वैज्ञानिक तकनीकों और शोध परिणामों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में स्थानीय जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने में अनुसंधान संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

जोशी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से किसानों की आय बढ़ाने,कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने और युवाओं को कृषि क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय