पशुपालकों को मिल रहा मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट का लाभ

 


पौड़ी गढ़वाल, 14 जून (हि.स.)। जिले में पशुपालकों को एक फोन कॉल पर पशु चिकित्सक स्वयं पशुपालकों के घर-द्वार तक पहुंचकर उपचार उपलब्ध करा रहे हैं। 1962 मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा जनपद पौड़ी में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की नयी पहचान बनकर उभरी है।

वर्तमान में जनपद पौड़ी के द्वारीखाल, एकेश्वर, जयहरीखाल, कल्जीखाल, नैनीडांडा, पाबौ, पौड़ी व थलीसैंण विकासखंडों में आठ मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट संचालित की जा रही हैं। शेष विकासखंडों में भी इस सेवा के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। इन यूनिटों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पशुपालकों को उनके घर-द्वार पर ही निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

सेवा का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को केवल पशुपालन विभाग के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल करनी होती है। कॉल प्राप्त होने के बाद शिकायत संबंधित मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट को प्रेषित की जाती है, जिसके पश्चात चिकित्सकीय दल निर्धारित स्थान पर पहुंचकर पशुओं का उपचार करता है। प्रत्येक यूनिट में एक पशु चिकित्सक और एक पैरावेट कर्मचारी तैनात है। साथ ही वाहन आवश्यक दवाइयों एवं आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित हैं।

जनपद में अब तक 59,336 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं। इनमें 27,850 कॉल पशुओं के उपचार से संबंधित रही हैं, जबकि अन्य कॉल पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं तकनीकी परामर्श से जुड़ी थीं। अब तक 44,973 पशुओं का सफल उपचार किया जा चुका है, जिससे हजारों पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि 1962 मोबाइल वेटेरिनरी यूनिट सेवा का उद्देश्य पशुपालकों को त्वरित, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह