रोजगार और आजीविका बढ़ाने पर जोर, योजनाओं के संरक्षण से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
पौड़ी गढ़वाल, 22 अगस्त (हि.स.)। ग्राम्य विकास मंत्री भरत सिंह चौधरी ने शनिवार को पौड़ी में अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए अलग-अलग विभागों की योजनाओं का बेहतर तालमेल और कन्वर्जेंस जरूरी है।
मंत्री ने मनरेगा, वीबी-जी रामजी योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पशुपालन, बांस मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने मनरेगा की लंबित देनदारियों का जल्द निस्तारण करने और अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बांस-रिंगाल, पशुपालन, कीवी उत्पादन और स्थानीय उत्पादों को रोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो सके।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत दूरस्थ गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए चरण-4 में प्रभावी प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही वन भूमि से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क और रोजगार के अवसर पलायन रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैठक में विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह