राष्ट्र सुरक्षा में सेना और आईटीबीपी की भूमिका अतुलनीय: राज्यपाल
औली, 09 मई (हि.स.)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने कहा कि भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान कठिन व प्रतिकूल परिस्थितियों में भी राष्ट्र की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उनके साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा पर पूरे देश को गर्व है।
राज्यपाल चमोली जिले के औली में आयोजित सैनिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना की 7वीं बटालियन असम रेजिमेंट “औली बटालियन” तथा आईटीबीपी के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग इंस्टिट्यूट (एमएंडएसआई) के जवानों को सम्मानित भी किया।
उन्होंने 7वीं असम रेजिमेंट के गौरवशाली इतिहास और ‘ऑपरेशन पवन’ सहित विभिन्न अभियानों में जवानों द्वारा प्रदर्शित वीरता का उल्लेख करते हुए शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। राज्यपाल ने कहा कि माणा सब सेक्टर में “ऑपरेशन स्नो लेपर्ड” के अंतर्गत सीमा सुरक्षा में तैनात जवान कठिन हिमालयी परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय दे रहे हैं।
राज्यपाल ने आईटीबीपी के माउंटेनियरिंग एवं स्कीइंग इंस्टिट्यूट, औली की उपलब्धियों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 1976 में स्थापित यह संस्थान पर्वतारोहण, स्कीइंग, राफ्टिंग और पर्वतीय युद्ध कौशल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। माउंट एवरेस्ट सहित कई दुर्गम चोटियों पर आईटीबीपी जवानों की सफल चढ़ाई भारत की क्षमता और साहस का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा और रोजगार के अवसरों का केंद्र बन रहा है। कौशल विकास योजनाओं के माध्यम से स्थानीय युवाओं को पर्वतीय प्रशिक्षण और राफ्टिंग से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का कार्य सराहनीय है।
इस अवसर पर ब्रिगेडियर गौरव बत्रा, कर्नल शिवेश तिवारी, आईटीबीपी कमांडेंट रतन सिंह सोनल सहित सेना और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय