जंगली जानवरों से खेती बचाने को घेरबाड़ योजना का बजट बढ़े : जुगराण
पौड़ी गढ़वाल, 20 अगस्त (हि.स.)। पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक के कारण किसानों के खेती छोड़ने की समस्या को किसान आयोग की देहरादून में हुई बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। आयोग के सदस्य ओपी जुगराण ने फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों की घेरबाड़ योजना का बजट बढ़ाने की मांग की।
बैठक में जुगराण ने कहा कि पहाड़ में किसान दिन-रात मेहनत कर फसल तैयार करते हैं, लेकिन जंगली जानवर फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और खेती के प्रति उनका रुझान भी कम हो रहा है। उन्होंने घेरबाड़ योजना को अधिक प्रभावी बनाने और इसके लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उन्होंने किसानों की समस्याओं के स्थानीय स्तर पर समाधान के लिए संबंधित ब्लॉक अधिकारियों और कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों को हर महीने गांवों में किसानों के साथ बैठक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
जुगराण ने पहाड़ी क्षेत्रों में खेती को बढ़ावा देने और किसानों को इससे जोड़े रखने के लिए किसानों के लिए वृद्धावस्था पेंशन लागू करने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि विषम भौगोलिक परिस्थितियों में खेती करने वाले किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि बैठक में उठाए गए मुद्दों और सुझावों पर शासन स्तर से जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी और इससे पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों को राहत मिलने के साथ खेती को मजबूत आधार मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह