टिहरी हत्याकांड और रिया थापा प्रकरण पर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
देहरादून, 17 जून (हि.स.)। टिहरी में दलित युवक की हत्या और नीट परीक्षा से जुड़ी छात्रा रिया थापा की आत्महत्या के मुद्दे पर प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा ने जहां टिहरी और बैरागीवाला की घटनाओं को अलग-अलग प्रकृति का मामला बताया है, वहीं कांग्रेस ने नीट परीक्षा प्रणाली और केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने बुधवार को कांग्रेस पर टिहरी की घटना को अनावश्यक रूप से तूल देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टिहरी में हुई हत्या दो परिवारों के बीच पुरानी रंजिश का परिणाम है, जबकि विकासनगर के बैरागीवाला में हुई घटना भीड़ द्वारा की गई हिंसा का मामला है। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं की प्रकृति अलग है और कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति के तहत भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।
मनवीर चौहान ने कहा कि बैरागीवाला मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य की तलाश जारी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा कानून व्यवस्था के मामले में किसी भी प्रकार की हिंसा या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रही है।
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने देहरादून के चंद्रबनी क्षेत्र में नीट अभ्यर्थी रिया थापा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रिया नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की खबरों से बेहद आहत थी।
धस्माना ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की खामियों और केंद्र सरकार की नीतियों के कारण कई छात्र मानसिक दबाव में आए हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है तथा इस प्रकार की घटनाओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। दोनों मामलों को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं, जिससे प्रदेश में राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
बता दें कि 23 वर्षीय रिया थापा नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। वह पूर्व में भी नीट परीक्षा दे चुकी थीं, लेकिन चयन नहीं हो पाने के कारण मानसिक तनाव में थीं। परिजनों के अनुसार हालिया परीक्षा और उससे जुड़े घटनाक्रमों के बाद वह काफी परेशान चल रही थीं। बीते दिनों उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।देहरादून की चंद्रमणि कॉलोनी निवासी नीट अभ्यर्थी रिया थापा की आत्महत्या के मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए हैं।रिया की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर कहा, “सीकर में उमेश और देहरादून में रिया, दोनों ने री-नीट के दबाव में अपनी जिंदगी खत्म कर ली। 22 और 23 साल के बच्चे, जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था, वे इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।”
उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लाखों छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ गंभीर चिंता का विषय है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी तथा भरोसेमंद बनाए जाने की आवश्यकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय