शहीद परिवारों की हर संभव मदद करेगी सरकार: कौशिक
हरिद्वार, 25 जुलाई (हि.स.)। स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति के अनुरोध पर जिला प्रशासन द्वारा शहीद जगदीश वत्स की 101वीं जयंती शहीद जगदीश वत्स पार्क, जटवाड़ा पुल, ज्वालापुर में देशभक्ति की धारा के साथ बड़े पैमाने पर मनाई गई।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण व राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् से हुई।
मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक,, स्वामी शरद पुरी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भारत भूषण विद्यालंकार, समिति अध्यक्ष देशबन्धु और महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने शहीद जगदीश वत्स की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। समिति के राष्ट्रीय महासचिव जितेन्द्र रघुवंशी ने कहा कि देशभर में अमर शहीद जगदीश वत्स का यशोगान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों से मान्यता प्राप्त लगभग 3.46 लाख स्वतंत्रता सेनानियों और 7.32 लाख से अधिक शहीद क्रांतिकारियों के वंशज आज करीब 4 करोड़ की संख्या में हैं। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा से हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए बताया कि दिल्ली में शहीदों के सम्मान में राष्ट्रीय स्तर का विशाल कार्यक्रम आयोजित करने का दायित्व संगठन को सौंपा गया है।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकार स्वतंत्रता सेनानी शहीद परिवारों के हितों की हर प्रकार से रक्षा करेगी। जिस तरह असम सरकार ने अपने शहीदों को राष्ट्रीय पहचान देने का संकल्प लिया है, उसी तर्ज पर उत्तराखंड सरकार भी शहीदों के सम्मान के लिए हर संभव कदम उठाएगी। उन्होंने घोषणा की कि अब शहीद जगदीश वत्स की जयंती जिला स्तर के साथ-साथ प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर पर भी मनाई जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने शहीद की यशगाथा सुनाते हुए कहा कि ग्राम खजूरी अकबरपुर, सहारनपुर निवासी 17 वर्षीय जगदीश वत्स ने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान हरिद्वार में तिरंगा फहराते हुए बलिदान दिया था। तब वह हरिद्वार में ऋषिकुल आयुर्वैदिक कॉलेज के छात्र थे। उन्होंने वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित कर हरित हरिद्वार का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम में भारत भूषण विद्यालंकार, हरित ऋषि विजय पाल बघेल, सुरेश चन्द्र सुयाल, शशि शर्मा, डॉ. रजनीकांत शुक्ला, अरुण पाठक, डॉ. वेदप्रकाश आर्य सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिक्षाविद डॉ. नरेश मोहन ने किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला