हत्याकांड में बड़ा खुलासा: जिन पर दर्ज हुआ मर्डर केस, वे निकले बेगुनाह, दोस्त ही बने कातिल

 


हरिद्वार, 14 जुलाई (हि.स.)।मंगलौर थाना क्षेत्र के बूढ़पुर जट में हुए चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने पूरी कहानी ही बदल दी। प्रारंभिक शिकायत पर जिन तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज था, वे जांच में बेगुनाह निकले। वहीं मृतक के साथ मौजूद उसके तीन दोस्त ही घटना के जिम्मेदार पाए गए।

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 11 जुलाई को बूढ़पुर जट गांव के खेत में सौरभ पुत्र राजेंद्र निवासी बूढ़पुर जट को गोली लगी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती तहरीर के आधार पर रोबिन, अनुज और प्रदुमन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, घटनास्थल, प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों पक्षों से पूछताछ की तो पूरा घटनाक्रम बदल गया।

जांच में सामने आया कि मृतक पक्ष और दूसरे पक्ष के बीच पुरानी रंजिश थी। घटना वाले दिन सौरभ अपने साथियों के साथ विवाद करने की मंशा से तमंचा लेकर खेत पहुंचा था। तमंचा खोलकर जांचते समय अचानक गोली चल गई और सौरभ को लगने से उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार घटना के बाद सौरभ के साथियों ने खुद को बचाने और पुरानी दुश्मनी का फायदा उठाकर विरोधी पक्ष को फंसाने की साजिश रची। इसी के तहत रोबिन, अनुज और प्रदुमन पर झूठा आरोप लगाया गया। तकनीकी साक्ष्यों और गवाहों ने इस झूठ का पर्दाफाश किया।

पुलिस ने सुमित पुत्र सुखबीर निवासी शकपुर थाना पुरकाजी, उत्तर प्रदेश, डिम्पल पुत्र नाहर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर और आशीष पुत्र बिंदर निवासी मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर को गिरफ्तार किया है। आरोपितों से घटना में प्रयुक्त 12 बोर तमंचा, खोखा कारतूस और मृतक की पैंट बरामद हुई। मामले में हत्या की धारा हटाकर गैर इरादतन हत्या की धाराएं लगाई गई हैं। तीनों आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार सुमित और डिम्पल का आपराधिक इतिहास भी है। सुमित पर पुरकाजी थाने में आर्म्स एक्ट समेत अन्य मुकदमे हैं, जबकि डिम्पल पर सिडकुल थाने में मामला दर्ज है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला