भालुओं के हमले को लेकर डॉ. विल्सन ने राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट
देहरादून, 02 मार्च (हि.स.)। लोक भवन में सोमवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) से ब्लैकफुट चैलेंज (मोनटाना, अमेरिका) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एसएम विल्सन ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान डॉ. विल्सन ने मानव-भालू संघर्ष विषय पर अपने 20 वर्षों के अध्ययन एवं अनुभव साझा किए।
उन्होंने बताया कि शोध में पाया गया है कि भालू मृत मवेशियों के अवशेषों की ओर आकर्षित होकर आबादी वाले क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं। ऐसे में मृत पशुओं का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण आवश्यक है, जिससे भालुओं का मानव बस्तियों की ओर आकर्षण कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण भालुओं के व्यवहार में परिवर्तन देखा जा रहा है। शीतनिद्रा (हाइबरनेशन) की अवधि घटने से वे अधिक समय तक सक्रिय रहते हैं और भोजन की तलाश में मानव बस्तियों के निकट पहुंच जाते हैं। मानव-भालू संघर्ष कम करने के लिए भालुओं के आहार, आवासीय व्यवहार और गतिविधियों का विस्तृत अध्ययन, सामुदायिक सहभागिता, वैज्ञानिक डेटा का सह-निर्माण, पशु अवशेष प्रबंधन और जन-जागरूकता जैसे उपाय कारगर हो सकते हैं।
राज्यपाल ने डॉ. विल्सन के अनुभवों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्वतीय राज्य में मानव-वन्यजीव संतुलन अत्यंत महत्वपूर्ण है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामुदायिक सहभागिता से मानव और वन्यजीवों के बीच सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने डॉ. विल्सन को वन मंत्री एवं सचिव से भेंट कर अपने सुझाव साझा करने का आग्रह किया। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) से आज लोक भवन में प्रख्यात सूफी गायक सतिंदर सरताज ने शिष्टाचार भेंट की।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय