राजस्व विभाग के डिजिटलीकरण को मिलेगी नयी गति, फील्ड कार्मिकों को मिलेंगे लैपटॉप

 


पौड़ी गढ़वाल, 18 जुलाई (हि.स.)। पौड़ी गढ़वाल में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जनोन्मुख बनाने की दिशा में जिला प्रशासन तेजी से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सुशासन एवं डिजिटलीकरण के विजन के अनुरूप प्रशासन राजस्व व्यवस्था में तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित कर रहा है। इसका उद्देश्य सरकारी कार्यों में गति और पारदर्शिता लाने के साथ-साथ आम नागरिकों को राजस्व संबंधी सेवाएं समयबद्ध, सरल और अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराना है।

इसी कड़ी में ज़िलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) के तहत जनपद के 41 राजस्व न्यायालयों को डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। प्रत्येक न्यायालय के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर और यूपीएस की व्यवस्था की गयी है। कंप्यूटरों का वितरण सभी तहसीलों में पूरा हो चुका है, जिससे राजस्व वादों के निस्तारण, अभिलेखों के रखरखाव और अन्य न्यायालयी कार्यों में तकनीक का अधिक उपयोग सुनिश्चित होगा।

डिजिटलीकरण की इस पहल को और मजबूत करते हुए राजस्व परिषद ने जनपद के 268 फील्ड कार्मिकों को लैपटॉप उपलब्ध कराने के लिए 60.50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। प्रथम चरण में 88 लैपटॉप की खरीद के लिए कार्यादेश जारी हो चुका है, जबकि शेष लैपटॉप की खरीद प्रक्रिया भी जारी है। इन लैपटॉप के माध्यम से राजस्व कार्मिक मौके पर ही आवश्यक सूचनाएं दर्ज कर सकेंगे, रिकॉर्ड अपडेट कर सकेंगे और विभिन्न शासकीय कार्यों का त्वरित निष्पादन कर पाएंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि डिजिटल संसाधनों के विस्तार से राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। साथ ही, सरकारी सेवाओं का लाभ लोगों तक पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और सुगमता से पहुंचेगा।

राजस्व विभाग में तकनीक के बढ़ते उपयोग को प्रशासन सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। आने वाले समय में इससे न केवल कार्यालयी कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर, सरल और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह