मोरा गांव में पिंजरे में कैद हुआ एक गुलदार
नैनीताल, 28 अप्रैल (हि.स.)। नैनीताल जनपद के ग्राम मोरा में मंगलवार सुबह एक गुलदार पिंजरे में फंसा मिला। यह सहित कई पिंजरे यहां और पूरे क्षेत्र में गत 22-23 अप्रैल को निकटवर्ती ज्योली गांव में एक महिला और भद्यूनी गांव में एक युवक को हिंसक वन्य जीव के द्वारा शिकार बनाये जाने के बाद लगाये गये थे।
जिस स्थान पर आज गुलदार फंसा मिला, वह स्थान गत 23 अप्रैल की रात्रि भद्यूनी गांव में कमल बिष्ट नाम के युवक को शिकार बनाये जाने वाले स्थान से लगभग 2 किलोमीटर दूर बताया गया है और पूर्व में मोरा गांव में भी एक महिला को शिकार बनाये जाने वाले स्थान के करीब है।
आज पकड़े गये गुलदार को पकड़कर वन विभाग ने निकटवर्ती रानीबाग के रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है, अलबत्ता ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधि आज गुलदार के पकड़े जाने के बाद भी संतुष्ट व निर्भय नजर नहीं आ रहे हैं।
भीमताल विकास खंड के प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट ने बताया कि वन्य जीव विशेषज्ञों के द्वारा बताया गया था कि कमल बिष्ट का जिस तरह से काफी मांस खाया गया था, उससे यह संकेत मिला था कि उसे गुलदार ने नहीं, बल्कि बाघ ने मारा था।
ऐसे में क्षेत्रीय ग्रामीण इसी गुलदार के आदमखोर होने के प्रति भी आश्वस्त नहीं हैं और क्षेत्र में लगातार हिंसक वन्य जीवों के प्रति सतर्कता बरते जाने और पिंजरे बरकरार रखे जाने की मांग कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त उनकी मांग यह भी है कि पकड़े गये गुलदारों या बाघों को वापस जंगल में छोड़े जाने की प्रक्रिया सार्वजनिक की जानी चाहिए कि उन्हें कहां छोड़ा जा रहा है।
ग्रामीणों को आशंका है कि वह कुछ समय बाद वापस अपने पूर्व क्षेत्र में आ जाते हैं। इधर वन विभाग की उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद ने आश्वस्त किया है कि पिंजरे और गस्त आगे भी क्षेत्र में लगातार जारी रहेंगे। पकड़ा गया गुलदार आदमखोर है अथवा नहीं, यह जांचों के बाद ही स्पष्ट होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी