कुंभ की तैयारियों में न हो देरी, समयसीमा में पूरे करें सभी कार्य: महाराज

 


हरिद्वार, 15 अक्टूबर (हि.स.)। हरिद्वार कुंभ के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा में पूरी करने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को मेला नियंत्रण भवन सभागार में कुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और भीड़ प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता, पेयजल और आपदा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।

सतपाल महाराज ने कहा कि कुंभ में संभावित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पिछले आयोजनों के अनुभवों के आधार पर व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। बसों और ट्रेनों के संचालन की ठोस योजना बनाकर उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन की जानकारी समय से मिल सके। उन्होंने भीड़भाड़ वाले दिनों में भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ट्रेनों के प्रस्थान से ठीक पहले प्लेटफॉर्म बदलने या अन्य व्यवस्थाओं में अचानक बदलाव से बचा जाए। पर्याप्त पार्किंग स्थल विकसित करने के साथ ही अस्थायी बस अड्डों और पार्किंग स्थलों से प्रमुख घाटों तक शटल बस सेवाएं संचालित करने की व्यवस्था की जाए, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो।

सड़कों, पुलों और रोप-वे की गुणवत्ता जांचने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री ने कुंभ क्षेत्र की सड़कों, मंदिरों और घाटों तक जाने वाले मार्गों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन आने वाली सड़कों को भी आवागमन के अनुकूल बनाए रखने को कहा। सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की प्रभावी जांच करने के साथ ही रोप-वे का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए।

कुंभ के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और प्रमुख घाटों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों तथा महत्वपूर्ण आवागमन मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया। आपदा या किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर स्पष्ट कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए रैंप तथा पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

स्वास्थ्य, स्वच्छता और पेयजल व्यवस्था पर फोकस

सतपाल महाराज ने कुंभ क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर उसका कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पतालों, एंबुलेंस, आवश्यक दवाओं, चिकित्सा उपकरणों और चिकित्साकर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

स्वच्छता व्यवस्था को लेकर उन्होंने कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज निस्तारण और साफ-सुथरे शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए। शौचालयों की नियमित सफाई और पूरे मेला क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही पेयजल आपूर्ति की नियमित निगरानी, पानी की टंकियों की समय पर सफाई और जल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने विद्युत आपूर्ति और दूरसंचार सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को समय रहते सभी तैयारियां पूरी करने को कहा। हरिद्वार के प्रमुख मंदिरों, पुलों और घाटों को आकर्षक स्वरूप देने के लिए सजावट, फसाड सुधार और आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया।

सांस्कृतिक विरासत का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरिद्वार कुंभ-2027 उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसके लिए राज्य की सांस्कृतिक परंपराओं और धार्मिक विरासत का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साधु-संतों की शोभायात्राओं के दौरान पुष्पवर्षा, स्वागत और अभिनंदन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ के लिए विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं का लाभ हरिद्वार को वर्षभर मिलना चाहिए, ताकि आयोजन के बाद भी स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध रहें।

मेलाधिकारी ने बताई तैयारियों की प्रगति

बैठक में मेलाधिकारी सोनिका ने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों और विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अधिकांश कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ रहे हैं। पुलों, घाटों और सड़कों से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, नगर आयुक्त नंदन कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह, उप मेला अधिकारी आकाश जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा तकनीकी सेल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जल संस्थान, पेयजल निगम और एनएचएआई के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे, अपर जिलाधिकारी टिहरी शैलेन्द्र सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल फिंचा राम चौहान समेत देहरादून, पौड़ी और टिहरी के अन्य अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रतिभाग किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला