पांच करोड़ से ज्यादा कांवड़ियों की सकुशल रवानी
हरिद्वार, 11 अगस्त (हि.स.)। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष में लगने वाले कावड़ मेला पखवाड़े में महाशिवरात्रि के पर्व तक हरिद्वार से गंगाजल लेकर गंतव्य को रवाना हुए 5 करोड़ से अधिक कांवडियों की बम-बम भोले की गूंज से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। मंगलवार को मेले के अंतिम दिन जहां कांवड़िये अपने गंतव्य को रवाना हो रहे थे, वहीं नगर के सभी प्रमुख शिवालयों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
बिल्केश्वर महादेव, दक्षेश्वर महादेव, नीलेश्वर महादेव और गौरी-शंकर महादेव सहित नगर के सभी शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगीं। जलाभिषेक के लिए कई किलोमीटर तक लाइनें देखी गईं। हर हर महादेव और बोल बम के नारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने भी घंटों कतार में खड़े होकर बाबा का जलाभिषेक कर मनोकामनाएं मांगीं।
इस बार के मेले के समापन पर पुलिस और जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। रूट डायवर्जन, यातायात नियंत्रण, पार्किंग, सफाई, चिकित्सा शिविर, पेयजल, विद्युत, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं के हर मोर्चे पर पुख्ता इंतजाम किए गए।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर की रणनीति और मैदान में सक्रिय मौजूदगी की साधु-संतों, सामाजिक संस्थाओं और आम जनता ने खुलकर सराहना की। अधिकारियों की सूझबूझ से न केवल लाखों कांवरियों को प्रतिदिन सुव्यवस्थित तरीके से रवाना किया गया, बल्कि स्थानीय नागरिकों को होने वाली असुविधा भी न्यूनतम रखी गई।
एसएसपी नवनीत सिंह ने संवेदनशील स्थानों पर पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जबकि डीएम मयूर दीक्षित ने कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की। मेले के अंतिम दिन दोनों वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीनस्थों के साथ हर की पौड़ी पहुंचे। वहां मां गंगा का विधि-विधान से पूजन कर गंगाजल लेकर कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। दोनों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया और मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कृतज्ञता व्यक्त की।
पूजन के बाद डीएम मयूर दीक्षित ने कहा यह सफलता पूरे प्रशासन, पुलिस बल, स्वास्थ्य कर्मियों, सफाई कर्मियों और जनता के सहयोग से संभव हुई है। एसएसपी नवनीत सिंह ने कहा, कांवरियों की आस्था और प्रशासन के समन्वय से यह मेला प्रदेश के लिए रोल मॉडल बनेगा।
जनप्रतिनिधियों और संत समाज ने की सराहना
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल और धार्मिक संस्थाओं ने भी प्रशासन की व्यवस्था को ऐतिहासिक बताया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी और राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत हरि गिरि ने कहा कि इस बार सुरक्षा के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया। उन्होंने कहा कि करोड़ों की भीड़ को सीमित संसाधनों में जिस कुशलता से स्नान करवाकर जलाभिषेक के लिए रवाना किया गया, वह अगले वर्ष होने वाले कुंभ महापर्व के लिए भी उदाहरण बनेगा।
श्रावण मास का यह मेला अब इतिहास बन गया है, जिसमें आस्था, अनुशासन और प्रशासनिक कुशलता का संगम देखने को मिला। नगरवासी अब अगले वर्ष फिर से इसी भव्यता और शांति के साथ बाबा के दर्शन की प्रतीक्षा करेंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला