कुंभ से पहले धर्मशालाओं की व्यवस्थाओं पर मेला प्रशासन का फोकस

 


हरिद्वार, 22 सितंबर (हि.स.)। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के बीच मेला प्रशासन ने धर्मशालाओं की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर हितधारकों के साथ समन्वय बढ़ाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को राष्ट्रीय धर्मशाला सुरक्षा समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मेलाधिकारी सोनिका से मुलाकात कर तैयारियों पर चर्चा की और सुझाव रखे।

समिति ने कुंभ के लिए हो रहे अवस्थापना विकास कार्यों की सराहना करते हुए सफल आयोजन में सहयोग का भरोसा दिलाया। पदाधिकारियों ने कहा कि सड़कों, फुटपाथों, चौराहों, पुलों और घाटों के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, जिसका लाभ स्थानीय नागरिकों को भी लंबे समय तक मिलेगा।

मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि कुंभ-2027 के सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से की जा रही हैं। व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में सभी संगठनों के सुझावों को महत्व दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए दीर्घकालिक अवस्थापना सुविधाएं विकसित करने के साथ हरिद्वार के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कुंभ में आश्रमों और धर्मशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। धर्मशालाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मेला प्रशासन प्रतिबद्ध है और कुंभ परंपरा के अनुरूप आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

समिति ने धर्मशालाओं में एकरूपता के अनुरूप रंग संयोजन आधारित फसाड विकसित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सूचना पट लगाने का सुझाव दिया। बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती भी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय संयोजक अनिरुद्ध भाटी, अध्यक्ष महेश गौड़, महामंत्री विकास तिवारी सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला