कांवड़ यात्रा में सुरक्षा का मजबूत प्रहरी बना बीईजी रुड़की, सेना के गोताखोर 24 घंटे बचा रहे श्रद्धालुओं की जान

 


हरिद्वार, 03 अगस्त (हि.स.)। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने आपदा राहत एवं बचाव के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में बीईजी (बंगाल इंजीनियर ग्रुप) रुड़की के प्रशिक्षित सेना के गोताखोर संवेदनशील घाटों पर 24 घंटे तैनात हैं।

आपदा प्रबंधन अधिकारी व कांवड़ कंट्रोल रूम प्रभारी मीरा रावत के समन्वय में बीईजी रुड़की की दो टीमें लगातार राहत व बचाव कार्य के लिए मुस्तैद हैं। एक टीम हरिद्वार के हाथी पुल क्षेत्र में जबकि दूसरी टीम रुड़की के सोलानी पार्क के निकट तैनात की गई।

गंगा के तेज बहाव और कांवड़ यात्रा के दौरान उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए सेना के प्रशिक्षित गोताखोर हर समय सतर्क रहते हुए किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। उनकी तत्परता और अनुशासित कार्यशैली से हजारों श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में गंगा स्नान और गंगाजल भर पा रहे हैं।

राहत एवं बचाव टीम का नेतृत्व सूबेदार कुलविंदर सिंह कर रहे हैं। उनकी टीम कांवड़ एवं आपदा कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखते हुए किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व में जिला प्रशासन, पुलिस और सेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया गया है, जिससे कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए प्रभावी प्रयास लगातार जारी हैं।

बीईजी रुड़की के सेना के गोताखोरों की निस्वार्थ सेवा, साहस और कर्तव्यनिष्ठा इस महापर्व में मानवता और सेवा भावना का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। गंगा घाटों पर उनकी सतत मौजूदगी श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और भरोसे का मजबूत आधार बनी हुई है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला