हरिद्वार में रेलवे टनल के पास पहाड़ी से गिरे बोल्डर, प्राचीन काली मंदिर को नुकसान

 


हरिद्वार, 07 अगस्त (हि.स.)। हरिद्वार में रेलवे टनल के समीप पहाड़ी के नीचे स्थित प्राचीन काली मंदिर पर शुक्रवार को अचानक पहाड़ी से भारी मलबा और विशाल बोल्डर गिरने से मंदिर को नुकसान पहुंचा। घटना रात करीब 3 बजे हुई, जिसमें मंदिर का गुंबद, दीवारें और अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मंदिर परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

बताया जा रहा है कि पिछले दो दिनों से क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही थी, जिससे पहाड़ी की मिट्टी अत्यधिक गीली होने के कारण अचानक भूस्खलन हुआ और मलबा व बड़े पत्थर मंदिर पर आ गिरे। मंदिर के ठीक नीचे रेलवे ट्रैक गुजरता है, जिससे कुछ समय के लिए रेल सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। सूचना मिलते ही रेलवे और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल ट्रैक का निरीक्षण किया तथा ट्रैक पर गिरे मलबे और पत्थरों को रात में ही हटाकर रेल मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया। इसके बाद रेल यातायात सामान्य रहा।

इसी स्थान पर पिछले वर्ष भी भूस्खलन होने से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ था। तब रेलवे ने पहाड़ी का ट्रीटमेंट कराया था और ट्रैक की सुरक्षा के लिए लोहे के जाल की मरम्मत भी कराई गई थी। इसके बावजूद लगातार बारिश के दौरान यहां भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मरम्मत कार्य के बजाय स्थायी समाधान की आवश्यकता है। स्टेशन मास्टर हरिद्वार बी.के. मालिक ने बताया, रात के समय रेलवे ट्रैक पर थोड़ा मलबा गिरा था। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने रात में ही मलबा हटाकर ट्रैक को साफ कर दिया। किसी भी ट्रेन का संचालन प्रभावित नहीं हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला