कैंची धाम में सप्ताहांत पर यातायात योजना लागू

 


-भारी वाहनों पर सुबह तीन से रात 11 बजे तक रोक, पर्यटकों के लिए शटल सेवा

नैनीताल, 16 अक्टूबर (हि.स.)। कैंची धाम, भवाली और भीमताल क्षेत्र में सप्ताहांत पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए पुलिस ने 17 और 18 अक्टूबर के लिए विशेष यातायात एवं डायवर्जन योजना लागू की है। इसके तहत भारी वाहनों का सुबह तीन बजे से रात 11 बजे तक आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वहीं, कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों के निजी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों से शटल सेवा संचालित की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, प्रतिबंधित अवधि में भारी वाहनों को जनपद की सीमा पर रोका जाएगा। केमू और निजी बसों सहित चौपहिया वाहनों के लिए सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक निर्धारित यातायात व्यवस्था लागू रहेगी।

योजना के तहत अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को लमगड़ा, धानाचूली, धारी, खुटानी बैंड और भीमताल के रास्ते भेजा जाएगा। रानीखेत से मैदानी क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहन क्वारब, ओड़ाखान, रामगढ़, खुटानी बैंड और भीमताल होकर आगे जाएंगे।

इसी तरह हल्द्वानी, काठगोदाम और मैदानी क्षेत्रों से अल्मोड़ा, जागेश्वर, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों को खुटानी बैंड, भीमताल, धारी और धानाचूली बैंड के रास्ते भेजा जाएगा। काठगोदाम से रानीखेत, बेतालघाट, सुयालबाड़ी और खैरना जाने वाले वाहन सैनिटोरियम से रातीघाट मार्ग का उपयोग करेंगे।

पुलिस ने बताया कि बाहरी जिलों और राज्यों से भीमताल के रास्ते निजी वाहनों से कैंची धाम जाने वाले पर्यटकों को भीमताल विकास भवन पार्किंग में वाहन खड़े करने होंगे। वहीं, गेठिया और नैनीताल की ओर से आने वाले पर्यटकों के वाहनों की पार्किंग भवाली सैनिटोरियम में होगी। इन स्थानों से भवाली और कैंची धाम मंदिर तक पहुंचने के लिए शटल सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

सप्ताहांत के दौरान कैंची धाम क्षेत्र और नैनीताल में टैक्सी और दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों से निर्धारित यातायात योजना का पालन करने की अपील की है।

गौरतलब है कि अक्टूबर के पहले लंबे सप्ताहांत में कैंची धाम और नैनीताल क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई थी। इसके बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने के साथ यातायात संबंधी नए प्रावधान लागू किए। हालांकि, बाद के सप्ताहांत में इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही कम रहने की बात भी सामने आई है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी