उत्तराखंड में 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' लागू, 125 दिन रोजगार का प्रावधान

 




देहरादून, 01 जुलाई (हि. स.)। उत्तराखंड में ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशों के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर बुधवार से 'विकसित भारत-जी राम जी योजना' लागू कर दी गई है। योजना के तहत अकुशल श्रमिकों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य के लिए मजदूरी दर 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।

ग्राम्य विकास विभाग के सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि नई योजना में कुल 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण के 107, ग्रामीण अवसंरचना के 88, ग्रामीण आजीविका के 86 तथा आपदा न्यूनीकरण के 37 कार्य सम्मिलित हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में 91.57 प्रतिशत सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। शेष जॉब कार्डधारकों से एक सप्ताह के भीतर संबंधित ग्राम पंचायत अथवा विकासखंड कार्यालय में ई-केवाईसी कराने का आग्रह किया गया है। मनरेगा के तहत जिन श्रमिकों की ई-केवाईसी हो चुकी है, उनके वर्तमान जॉब कार्ड नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक वैध रहेंगे।

श्री गर्ब्याल ने कहा कि मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों को नई योजना में अनुमन्य कार्यों के अनुसार समाहित किया जाएगा। इसके लिए सभी ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास हेतु जिला स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

इस बीच, सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी 2.0) के तहत लाभार्थियों की सर्वेक्षण सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं की खुली बैठकें आयोजित की जा रही हैं। लाभार्थियों की पात्रता का निर्धारण ग्राम सभा द्वारा किया जा रहा है। यदि कोई पात्र परिवार सर्वेक्षण से छूट गया है तो उसकी सूची विकासखंड स्तर से जिला प्रशासन के माध्यम से छह जुलाई तक शासन को भेजी जाएगी, जबकि ग्राम सभाओं में सूची के अंतिम अनुमोदन की प्रक्रिया 10 जुलाई तक पूरी की जाएगी। शासन इसके बाद सूची भारत सरकार को अग्रेषित करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय