70 और 68 वर्ष के दून के दो पूर्व सैनिकों ने शुरू की 2,860 किमी की लद्दाख बाइक यात्रा
-'स्काईराइडर्स ट्रांसेंडेंटल राइड' के तहत 5,000 मीटर से अधिक ऊंचे दर्रों को करेंगे पार
देहरादून, 15 जून (हि.स.)। देहरादून के 70 और 68 वर्ष के दो पूर्व सैनिकों ने साहस, अनुशासन और अदम्य जज्बे का परिचय देते हुए सोमवार को 2,860 किलोमीटर लंबी मोटरसाइकिल यात्रा का शुभारंभ किया। 'स्काईराइडर्स ट्रांसेंडेंटल राइड अक्रॉस लद्दाख' नामक यह अभियान 15 से 24 जून तक आयोजित किया जा रहा है।
रक्षा जनसंपर्क अधिकारी देहरादून उत्तराखंड लेफ्टिनेंट कर्नल चेतन सिंह कबसूड़ी ने बताया कि 12 मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री के 70 वर्षीय कर्नल राकेश सिंह सिद्धू, एसएम (सेवानिवृत्त) और 6/8 गोरखा राइफल्स के 68 वर्षीय कैप्टन नंदन सिंह बिष्ट (सेवानिवृत्त) होंडा सीबी 350 हाईनेस मोटरसाइकिल पर देहरादून से श्रीनगर, लेह और लद्दाख के दुर्गम क्षेत्रों की यात्रा करेंगे। इसके बाद वे मनाली होते हुए वापस लौटेंगे। दस दिनों की इस यात्रा में दोनों पूर्व सैनिक प्रतिदिन औसतन 300 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले प्रमुख मोटर योग्य दर्रों को पार करेंगे। यात्रा के दौरान खारदुंग ला,उमलिंग ला,वारी ला,फोटी ला और ककसांग ला जैसे विश्व के सबसे ऊंचे एवं चुनौतीपूर्ण दर्रे भी शामिल हैं।
यात्रा के प्रमुख पड़ावों में तांगत्से,हानले और न्योमा शामिल हैं। राइडर्स इन ऊंचे दर्रों को सफलतापूर्वक पार करने के लिए लद्दाख स्थित सैन्य इकाइयों से स्थानीय प्रमाणन भी प्राप्त करेंगे। यात्रा के दौरान ऊंचाई से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए विशेष चिकित्सीय तैयारियां की गई हैं। दल के पास आपातकालीन ऑक्सीजन सहायता सहित आवश्यक सुरक्षा प्रबंध उपलब्ध हैं।
कर्नल राकेश सिंह सिद्धू ने कहा कि यह यात्रा हिमालय के प्रति आकर्षण और सशस्त्र बलों में सेवा के दौरान सीखे गए अनुशासन,मानसिक दृढ़ता और 'कभी हार न मानने' की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उम्र केवल एक संख्या है, जबकि साहस और प्रतिबद्धता की कोई आयु सीमा नहीं होती। यह अभियान न केवल रोमांचक मोटरसाइकिल यात्रा है,बल्कि वरिष्ठ नागरिकों और पूर्व सैनिकों के लिए प्रेरणा का भी स्रोत है,जो यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और अनुशासन के बल पर किसी भी उम्र में नई चुनौतियों को स्वीकार किया जा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय